
मध्यप्रदेश में स्थित डबरा कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं के आरोप लगाए गए हैं। किसानों और व्यापारियों का कहना है कि मंडी में पेयजल, शौचालय इत्यादि बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। जिसके कारण कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
मंडी में करने वाले (तुलावटी हम्बाल) पल्लेदारों के अध्यक्ष टीकाराम इन अव्यवस्थाओं को लेकर मंगलवार को डबरा जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने एसडीएम को आवेदन सौंपा। साथ ही मंडी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। व्यवस्थाओं में सुधार करने की मांगे रखी हैं। बता दें कि डबरा कृषि उपज मंडी मध्य प्रदेश की बड़ी मंडियों में से है है। जिसमें सीजन के समय लगभग तीन से चार हजार धान की ट्रोलियाँ हर रोज पहुंचती हैं। शासन को भी मंडी से टैक्स के रूप में भारी राजस्व मिलता है।
मंडी में न पानी और रोशनी, पल्लेदार परेशान
टीकाराम का कहना है कि मंडी में किसानों और तुलावती हंम्बाल (पल्लेदारों) को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि मंडी में न तो पीने के पानी की कोई सुनिश्चित व्यवस्था है। न ही मंडी प्रांगण में कोई बोरिंग है। उनका कहना है मंडी में सीजन के समय पर भी मंडी में लाइटिंग की व्यवस्था नहीं है। इतना ही नहीं किसानों और पल्लेदारों के लिए शौचालय तक चालू नहीं हैं। मंडी में सिर्फ एक शौचालय चालू है, जो जर्जर हालत में है।
प्रशासन पर सुनवाई न करने का आरोप
टीकाराम का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर उन्होंने कई बार डबरा एसडीएम को अवगत कराया। कलेक्टर महोदय और मध्य प्रदेश मुख्यालय को भी डाक द्वारा पत्र भेजा। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।


बोरिंग और रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग
आवेदन में पल्लेदारों ने मंडी में बोरिंग करवाने की मांग की है। ताकि पानी की समस्याओं से निजात मिल सके और बार-बार पानी के लिए बाहर न जाना पड़े। इसके अलावा मंडी प्रांगण में सभी टावरों की लाइट को फिर से चालू करने की मांग भी की गई है। ताकि रात के समय काम करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। बंद पड़े शौचालय का मरम्मत करवाने की मांग भी रखी गई है।
आंदोलन की चेतावनी
पल्लेदारों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मंडी में पेयजल, शौचालय और रोशनी की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है। साथ ही आंदोलन की चेतावनी भी दी है। टीकाराम ने कहा कि, “यदि मांगे पूरी नहीं हुईं तो तुलावटी हम्बल अपनी मांगों को लेकर बहुत जल्द कम बंद करके धरने पर बैठेंगे।”
डबरा से अरुण रजक की रिपोर्ट

