Diwali 2026: आतिशबाजी से होने वाली दुर्घटनाओं के इलाज पर गंभीर सीएम डॉ मोहन यादव, अस्पतालों की मॉनिटरिंग के निर्देश

मुख्यमंत्री ने निजी एवं शासकीय चिकित्सालयों एवं मेडिकल कॉलेजों में प्रतिदिन भर्ती बर्न इंजरी के मरीजों की स्थिति की समीक्षा किए जाने के निर्देश भी दिए हैं।
CM Dr. Mohan Yadav Instructions

CM Dr. Mohan Yadav Instructions

Diwali 2026: रौशनी का त्यौहार दिवाली बस अब आने वाला है, बाजार सज गए हैं, मध्य प्रदेश के सभी शहरों में सजावट के सामान के साथ साथ आतिशबाजी, पटाखों के बाजार भी तैयार हो गए हैं, लोगों ने खरीदारी शुरू कर दी है इस बीच सरकार ने भी अपन स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी है, सरकार किसी भी अनहोनी की घटना से निपटने की तैयारियां पुख्ता कर रही है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि वे आतिशबाजी से होने वाली दुर्घटनाओं के उपचार एवं रोकथाम के लिए अस्पतालों को मॉनिटरिंग शुरू कर दें, बर्न वार्ड, बर्न यूनिट अप टू डेट रहने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि वे शासकीय जिला चिकित्सालयों एवं चिकित्सा महाविद्यालयों में संचालित बर्न वार्ड एवं बर्न यूनिट का निरीक्षण करें और उसे त्वरित और बेहतर इलाज के लिए अपडेट रखें, दवाओं से लेकर, उपकरण, मेडिकल स्टाफ सब वार्ड में मौजूद रहने चाहिए सीएम ने अभी से अस्पतालों की  मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी किये निर्देश 

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने इस संबंध में प्रदेश के सभी शासकीय चिकित्सालयों के अधीक्षकों एवं चिकित्सा महाविद्यालयों के डीन को विशेष तैयारियां करने के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं।

स्वास्थ्य सेवाएं 24×7 उपलब्ध रखने के निर्देश 

स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश में कहा है कि अस्पतालों में 24 घंटे डॉक्टर्स,  नर्सिंग ऑफिसर्स एवं पैरामेडिकल स्टॉफ मौजूद रहना चाहिए।  बर्न इंजरी, आंखों की चोट, हाथ-पैर की चोट, कानों को नुकसान तथा पटाखों के धुएं से होने वाली सांस सम्बन्धी समस्या के इलाज के लिए जरूरी दवाएं उपलब्ध रहने चाहिए।

एम्बुलेंस की तैनाती पर विशेष ध्यान देने के निर्देश 

अपर मुख्य सचिव द्वारा जरी निर्देशों में कहा गया है कि अस्पतालों मेंआकस्मिक ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर्स, एम्बुलेंस चालकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ के नाम और मोबाइल नंबर प्रदर्शित किए जाएं। 108 एम्बुलेंस को ऑक्सीजन एवं आवश्यक उपकरणों सहित पूरी तरह क्रियाशील रखा जाए। आवश्यकता होने पर जिला कलेक्टर के अनुमोदन से मरीजों को दूसरे जिले अथवा अन्य राज्य में भी भेजा जा सकेगा। अति गंभीर मरीजों के परिवहन के लिए नियमानुसार एयर एम्बुलेंस की सुविधा का भी उपयोग किया जाए।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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