
Madhya Pradesh Police Academy Bhopal DSP Passing-Out Parade Ceremony
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को वर्ष 2029 तक ड्रग्स की समस्या से मुक्त करने का लक्ष्य दोहराते हुए पुलिस अधिकारियों से इसके खिलाफ निर्णायक भूमिका निभाने को कहा है। मंगलवार, 3 नवंबर को भोपाल स्थित मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी में आयोजित उप पुलिस अधीक्षकों के दीक्षांत परेड समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की पुलिस ने डाकुओं और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों का सामना किया है। अब ड्रग्स और अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ भी उसी मजबूती से कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने नए अधिकारियों को सोशल मीडिया की लोकप्रियता के बजाय लोगों की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान देने की सलाह भी दी।
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले उप पुलिस अधीक्षकों से कहा, “2029 तक ड्रग्स के खिलाफ आप अपनी निर्णायक भूमिका साबित करेंगे, मैं आपसे अपेक्षा करता हूं।” उन्होंने कहा कि पुलिस के सामने समय के साथ चुनौतियां बदली हैं और इनसे निपटने के लिए अधिकारियों को अपने प्रशिक्षण के साथ सही निर्णय लेने की क्षमता का भी इस्तेमाल करना होगा।
रील बनाने से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सॉल्व करने की सलाह
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि समस्याओं से ज्यादा उनके समाधान पर ध्यान लगाना चाहिए। उन्होंने कहा, “रील बनाने से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सॉल्व करने में आपका हर क्षण जाना चाहिए, प्रदेश आपसे अपेक्षा करता है।”
मुख्यमंत्री का कहना था कि पुलिस अधिकारियों के काम का असली महत्व इस बात से तय होगा कि वे लोगों की परेशानियां कितनी प्रभावी तरीके से दूर करते हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देंगे।
इसी बात को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस प्रशिक्षण की असली परीक्षा मैदान में आने वाली चुनौतियों के समय होती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा, “प्राण देने से ज्यादा परिस्थिति पर नियंत्रण करना जरूरी है।” मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि प्रशिक्षण के दौरान मिली सीख चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अधिकारियों के काम आएगी और वे अपनी जिम्मेदारी निभाने में सफल होंगे।
नक्सलवाद के बाद अब ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई
मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ हुई कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश ने तय समय सीमा से पहले नक्सलवाद का सफाया कर अपनी दक्षता साबित की है। उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश वह गौरवशाली प्रदेश है जिसने नक्सलवाद का सफाया तय समय सीमा से पहले किया।”
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता के बाद अब प्रदेश के सामने ड्रग्स की समस्या को खत्म करने की चुनौती है। इस लक्ष्य को हासिल करने में नए पुलिस अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
जहरीली शराब का तंत्र नहीं चलने देंगे, माफिया से डरने की जरूरत नहीं
ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने अवैध और जहरीली शराब के कारोबार पर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा, “हमारे जवान जहरीली शराब का यह तंत्र चलने नहीं देंगे।”
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि किसी भी माफिया से डरने की जरूरत नहीं है। मध्य प्रदेश पुलिस ऐसे लोगों का मुकाबला करने में सक्षम है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपराध और माफिया के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बिना किसी डर के अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
पुलिस अकादमी को मिलेगा 12 करोड़ का ऑडिटोरियम, 33 केवी बिजली सब स्टेशन भी बनेगा
दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा भी की। उन्होंने अकादमी में 12 करोड़ रुपये की लागत से नया ऑडिटोरियम बनाने, 33 केवी का बिजली सब स्टेशन स्थापित करने और एक किलोमीटर लंबी एप्रोच रोड तैयार करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को जरूरी सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने का भरोसा देते हुए कहा, “पुलिस जो मांगे, सरकार देने के लिए तैयार है।”


पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

