
पीठ दर्द आजकल हर दूसरे इंसान की आम समस्या बन गई है। लंबे समय तक लैपटॉप पर झुककर बैठना, घंटों मोबाइल घूरना या फिर गलत पोस्चर की वजह से रीढ़ की हड्डी और मांसपेशियों पर असर पड़ता है। डॉक्टर अक्सर कहते हैं कि अगर पीठ को मजबूत और लचीला बनाना है, तो दवाइयों से ज्यादा काम योग करता है। ऐसे में आज हम आपको कुछ आसान से योगासन के बारे में बताएंगे, जिन्हें डेलीलाइफ का हिस्सा बना लिया जाए तो पीठ दर्द धीरे-धीरे कम हो सकता है।
पीठ दर्द को हल्के में लेने की गलती मत करें। दवाईयां अस्थायी राहत देती हैं, लेकिन योगासन लंबे वक्त के लिए समाधान देते हैं। इन पांच आसनों को अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बना लीजिए। शुरुआत में भले ही कुछ मुश्किल लगे, लेकिन धीरे-धीरे आप फर्क महसूस करेंगे। पीठ हल्की लगेगी, दर्द कम होगा और शरीर पहले से ज्यादा फ्लेक्सिबल हो जाएगा।
भुजंगासन
भुजंगासन को लोग कोबरा पोज भी कहते हैं। यह रीढ़ की हड्डी की जकड़न खोलने और कमर की मांसपेशियों को ताकत देने में मदद करता है। पेट के बल लेटकर छाती को ऊपर उठाने से न सिर्फ बैकबोन फ्लेक्सिबल होती है, बल्कि धीरे-धीरे दर्द भी कम होने लगता है। रोजाना कुछ सेकंड इस पोज में रहने से पीठ हल्की और मजबूत महसूस होती है।
मार्जरीआसन
यह आसन असल में दो पोज का मेल है। इसे करने पर रीढ़ की हड्डी ऊपर-नीचे होती है, जिससे उसमें लचीलापन आता है। बिल्ली की तरह पीठ को गोल करना और गाय की तरह पेट को नीचे झुकाना है। यह पीठ की अकड़न को दूर करने का आसान और असरदार तरीका है।
बालासन
बालासन को चाइल्ड पोज भी कहा जाता है। जैसे ही आप वज्रासन में बैठकर आगे झुकते हैं, पीठ, कंधे और गर्दन की मांसपेशियां पूरी तरह रिलैक्स हो जाती हैं। यह आसन उन लोगों के लिए खास है जो दिनभर खड़े रहकर काम करते हैं या फिर ज़्यादा देर कुर्सी पर बैठे रहते हैं। इसमें कुछ मिनट आराम करने से पूरे शरीर में रिलैक्सेशन का एहसास होता है।
अधोमुख श्वानासन
अधोमुख श्वानासन योग का सबसे पॉपुलर आसन है। इसमें शरीर का उल्टा V आकार बनता है, जिससे बैक, हैमस्ट्रिंग और कंधे सभी अच्छे से स्ट्रेच होते हैं। खासकर पीठ के लिए यह बेहद असरदार है, क्योंकि यह पोस्चर को सही करने और खिंचाव कम करने का काम करता है। जो लोग डेली यह आसन करते हैं, उनका बैक पेन धीरे-धीरे गायब होने लगता है।
सेतुबंधासन
सेतुबंधासन यानी ब्रिज पोज पीठ के निचले हिस्से के लिए बेस्ट है। इस आसन में कमर को ऊपर उठाने से बैक की मसल्स मजबूत होती हैं और ग्लूट्स-हैमस्ट्रिंग भी एक्टिव रहते हैं। लंबे समय तक बैठे रहने से जो दर्द और भारीपन महसूस होता है, उससे राहत पाने के लिए यह आसन करें।
(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

