
Festival List 2023: कुछ दिनों में ही नया साल आने वाला है। जिसके लिए तैयारियां भी शुरू हो चुकी है। इस साल की तरफ अगला साल भी व्रत और त्योहारों से भरा होगा। पिछले दो सालों ने कोरोना के खौफ के कारण त्योहारों का मजा फीका रहा। लेकिन इस लोगों में उत्साह को देखा जा सकता है। साल की शुरुआत लोड़डी और मकर संक्रांति से हो रहे है। आइए अगले साल कौन-सा त्योहार और व्रत किस दिन पड़ेगा।
जनवरी से मार्च
- 14 जनवरी- मकर संक्रांति और लोहड़ी
- 15 जनवरी- पोंगल
- 21 जनवरी- मौनी अमावस्या
- 26 जनवरी- वसंत पंचमी
- 5 फरवरी- गुरु रविदास जयंती
- 18 फरवरी- महाशिवरात्रि
- 6 मार्च- होलिका दहन
- 7 मार्च-होली
- 22 मार्च- चैत्र नवरात्रि
- 29 मार्च-दुर्गा अष्टमी
- 30 मार्च- रामनवनी
अप्रैल से जुलाई
- 4 अप्रैल- महावीर जयंती
- 6 अप्रैल-हनुमान जयंती
- 14 अप्रैल- बैसाखी
- 5 मई- बुध पूर्णिमा
- 19 मई- वट सावित्री पूजा
- 3 जुलाई- गुरु पूर्णिमा
अगस्त से दिसंबर
- 21 अगस्त- नाग पंचमी
- 30 अगस्त- रक्षाबंधन
- 6 सितंबर- जन्माष्टमी
- 19 सितंबर गणेश चतुर्थी
- 29 सितंबर- पितृपक्ष आरंभ
- 2 अक्टूबर- संकष्टी चतुर्थी
- 12 नवंबर- रविवार दिवाली, नरक चतुर्थी
- 14 नवंबर- गोवर्धन पूजा
- 19 नंबर- छठ पूजा
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है।
अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →

