घर में उगाएं ताजगी से भरे पान, फॉलो करें ये टिप्स, एक महीने में हर भरा हो जाएग गमला

पान का पत्ता औषधि के रूप में भी काम करता है। इससे पाचन प्रक्रिया में सुधार होती है। इसके अलावा यदि सूजन कम करना है, तो इसका इस्तेमाल किया जा सकता है या फिर मुंह की दुर्गंध को दूर करने के लिए भी पान के पत्ते चबाए जा सकते हैं।
Paan Ka Patta Betel Leaf

Gardening Tips : यदि आप घर पर ही पान का पत्ता उगाना चाहते हैं, तो आपको कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे। आजकल लोग जगह की कमी होने के कारण गमले में ही तरह-तरह के पौधे लगा लेते हैं, जिसके लिए उन्हें थोड़ी सी मेहनत करनी पड़ती है।

पान का पत्ता खाने के साथ-साथ पूजा में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसे लोग सुपारी, कत्था, चूना और तंबाकू या मिठाई के साथ खाते हैं। इसे आप घर पर आसानी से उगा सकते हैं।

पान का पत्ता (Gardening Tips)

गार्डनिंग करने के शौकीन लोग शहर में रहते हुए भी इसके लिए जगह निकाल लेते हैं। कुछ लोग घर की छत पर, तो कुछ फ्लैट की बालकनी या फिर किचन में छोटे-छोटे गमले में पौधे उगाते हैं। इससे घर की सुंदरता बढ़ती है। साथ ही जिस पौधे को आप गमले में लगा रहे हैं, उसका आपको फायदा भी मिलता है।

ऐसे उगाएं (Betel Leaf)

  • सबसे पहले आपको नर्सरी जाकर गमला खरीदना है।
  • इसके बाद गमले में मिट्टी और खाद को एक साथ मिलकर उसे धूप में रख दें।
  • फिर दो से तीन दिन के बाद यह देखना है कि मिट्टी नरम हो जाए।
  • अब इसमें गोबर की खाद डालें।
  • फिर इसको 2 दिन के लिए फिर से ऐसे ही छोड़ दें।
  • 2 दिन बाद गमले में छेद करके उसमें पान के पौधे का बीज लगाएं।
  • ध्यान रखें कि गमले में केवल 2 से 3 इंच का छेद होना चाहिए।
  • अभी इसमें हल्के पानी का छिड़काव करें, ताकि मिट्टी थोड़ी सी नम हो जाएं।
  • फिर इस गमले को ऐसी जगह पर रखें, जहां धूप हल्की-हल्की लगे।
  • फिर इसमें नियमित तौर पर पानी डालते रहें।
  • जैसे ही बीज अंकुरित होने लग जाए, आप इसमें 1 से 2 बार खाद डाल दें।
  • इसके 3 से 4 हफ्ते बाद गमले में लकड़ी लगा दें, जिससे पौधे को सही सपोर्ट मिल जाएगा।
  • पान का पौधा लगभग 5 से 6 सप्ताह में तैयार हो जाएगा।

बता दें कि पान का पत्ता औषधि के रूप में भी काम करता है। इससे पाचन प्रक्रिया में सुधार होती है। इसके अलावा यदि सूजन कम करना है, तो इसका इस्तेमाल किया जा सकता है या फिर मुंह की दुर्गंध को दूर करने के लिए भी पान के पत्ते चबाए जा सकते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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