Oregano Recipe: घर पर ही बनाएं पिज्जा पर डलने वाला ऑरिगेनो, कम मेहनत में मिलेगा स्वाद

Oregano Recipe: घर पर ही बनाएं पिज्जा पर डलने वाला ऑरिगेनो, कम मेहनत में मिलेगा स्वाद

जीवनशैली, डेस्क रिपोर्ट। बाजार से पिज्जा ऑर्डर करने के बाद कोशिश होती है कि ऑरिगेनो (Oregano Recipe) का पाउचेज ज्यादा से ज्यादा उठा लें। ये कोशिश सिर्फ इसलिए नहीं होती कि पिज्जा पर जी भर कर ओरिगेनो डाल सकें। कोशिश इसलिए भी ज्यादा से ज्यादा पाउच उठाने की होती है ताकि पिज्जा के खत्म होन के बाद भी घर में बनने वाली डिशेज पर ओरिगेनो डालकर उनका स्वाद बढ़ाया जा सके। वैसे तो बाजार से अलग से ओरिगेनो खरीद कर भी लाया जा सकता है। लेकिन वो हर बार जेब को सूट नहीं करता। इससे बेहतर है कि घर पर ही ओरिगेनो बना लिया जाए। ताकि वो लंबे समय तक चले भी और आपका ज्यादा सेशे लेने की फिक्र भी न करनी पड़े।

यह भी पढ़े…Vastu Tips: नवरात्रि में इस तरह सजा होगा मेनगेट तो मां लक्ष्मी और दुर्गा देंगी दस्तक

ओरिगेनो के लिए सामग्री
  • दो बड़े चम्मच ऑरिगेनो
  • एक छोटा चम्मच सुखी हुई तुलसी
  • एक बड़ा चम्मच पिसी हुई काली मिर्च
  • एक बड़ा चम्मच चिली फ्लेक्स
  • एक छोटा चम्मच नमक
  • एक बड़ा चम्मच लहसुन

यह भी पढ़े…बचे हुए काबुली चने से बनाइए टेस्टी और क्रिस्पी पकौड़े, जानिए पूरी रेसिपी

ऐसे बनाएं ओरिगेनो

एक कढ़ाई में तेल डालकर गर्म होने रख दें। तेल गर्म होने पर उसमें लहसुन डालें। धीमी आंच पर लहसुन को रोस्ट होने दें। लहसुन रोस्ट हो जाए तब उसमें उसे छन्नी से छान कर टिश्यू पेपर पर लें। लहसुन का तेल अच्छे से सूखने दें।
लहसुन के सूखने के बाद तुलसी के पत्तों को हाथ से मसल कर डाल लें। इसके बाद काली मिर्च, चिली फ्लेक्स, नमक और ओरिगेनो को भी क्रश करके मिक्स कर लें। अब सबको ठंडा होने दें। तेल में कुरकुरे हुए लहसुन को भी क्रश करके मिक्स करें। ओरिगेनो तैयार है। इसे आप कांच के जार में स्टोर कर फ्रिज में रख सकते हैं। ओरिगेनो में वैसे तो नमक डलता है. लेकिन ये ऑप्शनल भी है। अगर आप खाने में ऊपर से पड़ने वाले नमक को अवॉइड करना चाहते हैं तो नमक न डालें।

Disclaimer: इस खबर का उद्देश्य केवल शिक्षित करना है। कृपया विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews