कई बार गार्डन या गमले में लगाए गए गेंदा और डहेलिया के पौधे अच्छे से बढ़ते तो हैं, लेकिन फूल कम आते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह खाद, पानी और मिट्टी का सही संतुलन न होना है। पौधा पत्तियों में ताकत लगा देता है, लेकिन फूल बनने की प्रक्रिया कमजोर रह जाती है। अगर शुरुआत से सही देखभाल रखी जाए तो पौधे लगातार फूल देते रहते हैं।
मिट्टी का सही मिश्रण जरूरी
गेंदा और डहेलिया दोनों ही पौधों को हल्की और पोषक मिट्टी पसंद होती है। बहुत सख्त मिट्टी में जड़ें अच्छी तरह नहीं फैलतीं। मिट्टी तैयार करते समय इसमें सामान्य बगीचे की मिट्टी, गोबर खाद या वर्मी कम्पोस्ट, थोड़ी रेत या कोकोपीट और जैविक कम्पोस्ट मिलाना फायदेमंद रहता है। इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और पानी जमा भी नहीं होता।
पानी देने का सही तरीका
इन पौधों में जरूरत से ज्यादा पानी देना नुकसानदायक हो सकता है। जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखी दिखे तभी पानी दें। गर्म मौसम में पौधों को ज्यादा पानी चाहिए होता है, जबकि सर्दियों में कम पानी पर्याप्त रहता है। ध्यान रखें कि गमले के नीचे से पानी आसानी से निकल सके, वरना जड़ें सड़ सकती हैं।
खाद कब और कैसे दें
गेंदा और डहेलिया में नियमित अंतराल पर हल्की जैविक खाद डालने से पौधे मजबूत रहते हैं और फूल ज्यादा आते हैं। गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, सरसों खली का घोल या घर में बनी जैविक खाद का उपयोग किया जा सकता है। हर 15–20 दिन में खाद देना अच्छा परिणाम देताहै।
फूल लंबे समय तक खिलाने के आसान उपाय
सूखे फूल और पीली पत्तियां समय पर हटाते रहें। इससे पौधे नई कलियां बनाते हैं। पौधों को पर्याप्त धूप मिलनी चाहिए, क्योंकि धूप फूल बनने के लिए जरूरी है।समय-समय पर गमले की दिशा बदलते रहें ताकि पौधे को हर तरफ से धूप मिले। कीड़ों से बचाने के लिए नीम तेल का हल्का छिड़काव भी किया जा सकता है।
अगर मिट्टी, पानी और खाद का सही संतुलन रखा जाए तो गेंदा और डहेलिया के पौधे लंबे समय तक फूल देते रहते हैं और घर की बगिया रंगों और खुशबू से भर जाती है।





