Hindi News

सांप काट ले तो झाड़ फूंक नहीं कराएं, अस्पताल जाएं, सरकार ने जारी की एडवाइजरी, चलेगा जन जागरूकता अभियान

Written by:Atul Saxena
Published:
जनता से अपील की गई है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या देसी उपचार की बजाय तुरंत निकटतम अस्पताल पहुँचें, क्योंकि पहला एक घंटा 'गोल्डन आवर' यानि जीवनरक्षक होता है। साथ ही, सांपों को मारने या परेशान करने के बजाय उन्हें दूर भगाने के उपाय करने पर जोर दिया गया है।
सांप काट ले तो झाड़ फूंक नहीं कराएं, अस्पताल जाएं, सरकार ने जारी की एडवाइजरी, चलेगा जन जागरूकता अभियान

मध्य प्रदेश में पिछले साल आये सांप काटने यानि सर्प दंश ने 2500 से अधिक मौत के आंकड़ों को कम करने के लिए राज्य सरकार कम करने का प्रयास कर रही है, सरकार ने इसके लिए रणनीति बनाई है और एडवाइजरी जारी की है, सरकार ने अपीलकी है कि यदि सांप काट ले तो झाड़ फूंक न कराएँ सीधे नजदीकी अस्पताल जाएँ और इलाज लें

मध्य प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सर्पदंश के मामलों को गंभीरता से लेते हुए इसे स्थानीय आपदा घोषित किया है। पिछले वर्ष सर्प-दंश से 2,500 से अधिक मौत हुई थी सरकार इस साल इसमे कमी लाना चाहती है। सरकार ने बारिश के मौसम में बढ़ने वाली इन घटनाओं की रोकथाम के लिए एक बहुआयामी रणनीति तैयार की है, जिसमें जनजागरूकता, आपातकालीन सेवाओं का सुदृढ़ीकरण और निवारण संबंधी उपाय शामिल किए गए हैं।

 प्राथमिक उपचार की जानकारी दी जाएगी 

जानकारी के मुताबिक इस अभियान के तहत ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड स्तर पर स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सोशल मीडिया, रेडियो, होर्डिंग्स और प्रिंट मीडिया के जरिए सर्पदंश से बचाव और प्राथमिक उपचार की जानकारी प्रसारित की जाएगी। स्कूलों और कॉलेजों में विशेष सत्र आयोजित कर विद्यार्थियों को इस खतरे और उससे बचाव के उपायों के बारे में शिक्षित किया जाएगा।

प्रशिक्षित ‘सर्प मित्र’ और ‘स्नेक-कैचर्स’ तैनात होंगे 

प्रत्येक जिले में प्रशिक्षित ‘सर्प मित्र’ और ‘स्नेक-कैचर्स’ की तैनाती की जाएगी, जिनके हेल्पलाइन नंबर जनता को उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी-वेनम (विषनाशक दवा) का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाएगा। पीड़ितों को निकटतम चिकित्सा केन्द्र तक पहुँचाने की व्यवस्था को और सुचारू बनाया जाएगा, ताकि आपात स्थिति में त्वरित सहायता मिल सके।

सरकार ने सर्प दंश से बचाव के लिए दी ये सलाह 

जनजागरूकता गतिविधि में ग्रामीणों को खेतों और जंगलों में काम करते समय मोटे जूते और दस्ताने पहनने की सलाह दी जाएगी। घरों के आसपास सफाई रखने, झाड़ियों को काटने और कूड़े के उचित निपटान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पशुपालकों को पशुशालाओं के आसपास बाड़ लगाने और पर्याप्त रोशनी का प्रबंध करने की सलाह दी गई है। पर्यटन स्थलों पर सर्प अधिकता क्षेत्रों को चिह्नित करने और चेतावनी बोर्ड लगाने का भी प्रावधान किया गया है।

प्रत्येक जिले को 23 लाख रुपये आवंटित 

राज्य सरकार ने इस अभियान के लिए प्रत्येक जिले को 23.17 लाख रुपये आवंटित किए हैं। बजट का उपयोग प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल और जनजागरूकता कार्यक्रमों में किया जाएगा। जनता से अपील की गई है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या देसी उपचार की बजाय तुरंत निकटतम अस्पताल पहुँचें, क्योंकि पहला एक घंटा ‘गोल्डन आवर’ यानि जीवनरक्षक होता है। साथ ही, सांपों को मारने या परेशान करने के बजाय उन्हें दूर भगाने के उपाय करने पर जोर दिया गया है। इस व्यापक अभियान से उम्मीद की जा रही है कि राज्य में सर्पदंश से होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी आएगी।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
Follow Us :GoogleNews