गर्मियों में बिना कूलर और AC ऐसे कर सकते हैं कमरे को ठंडा, जाने यहाँ

गर्मियों में बिना कूलर और AC ऐसे कर सकते हैं कमरे को ठंडा, जाने यहाँ

जीवनशैली, डेस्क रिपोर्ट। गर्मियों (Summer) का मौसम शुरू हो चुका है और इस दौरान गर्मी से बचने के लिए लोग अपने कमरे को ठंडा (cool the room) करने की जी तोड़ कोशिश करते हैं और ऐसा करने के लिए लोग अलग-अलग के ट्रिक्स आजमाते हैं लेकिन फिर भी लेकिन फिर भी असफल होते हैं। गर्मियों में बिना AC और कूलर के कमरे को ठंडा करना काफी मुश्किल हो जाता है, हालांकि AC और कूलर की कमरे की गर्मी को खत्म नहीं कर पाते और साथ ही लंबी चौड़ी बिजली का बिल भी आपके हाथों में थमा देते हैं। आप यह सोच रहे होंगे कि इस समस्या का समाधान कैसे निकाला जाए, आइए जानते हैं कि आप अपने कमरे को कैसे ठंडा कर सकते हैं, इसके लिए ना कूलर की जरूरत होगी और ना AC की जरूरत होगी।

यह भी पढ़े… आज Oppo F21 Pro होगा लॉन्च, खरीदने से पहले जान ले स्मार्टफोन के आकर्षक फीचर्स और कीमत

गर्मियों की छुट्टी करने के लिए आप अपने बेडशीट को फ्रिज में ठंडा कर सकते हैं, इससे आपकी बेडशीट काफी ठंडी होगी और आपको पसीने भरी गर्मी से भी छुटकारा मिल जाएगा। आप बोतल में बोतल में पानी को भरकर उसे रेफ्रिजरेटर में ठंडा होने के लिए रख दें और रात में इससे अपने कमरे में पंखे के सामने लाकर रखें यह आपके कमरे को ठंडा करने का काम करेगा। जैसे ही गर्मियां शुरू हो जाए तो कोशिश करें कि आप हमेशा कॉटन की बेडशीट का ही इस्तेमाल करें यह आपको गर्मियों के चुनचुनाहट से छुटकारा देगा और काफी आरामदायक भी होगा। सारे दिन अपने खिड़कियों पर पर्दा लगा कर रखें और कोशिश करें कि अपने कमरे को अंधेरा रखें, लेकिन रात के समय खिड़की और दरवाजे को खोलना ना ना भूले। इससे आपका कमरा ठंडा होगा और अंदर की सारी गर्म हवा बाहर चली जाएगी। आप चाहे तो रात में ठंडे पानी से नहा भी सकते हैं, इससे यह आपके शरीर को हाइड्रेटेड रखेगा और गर्मियों को भी मात देगा।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews