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जनवरी खत्म होने से पहले गेंदे के पौधे में करें ये 3 काम, फरवरी में खिलेंगे ढेर सारे फूल

Written by:Bhawna Choubey
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अगर आपके गार्डन में लगा गेंदा फूल देना कम कर चुका है, तो घबराएं नहीं। जनवरी के बचे हुए दिनों में की गई सही देखभाल और 3 आसान काम फरवरी में गेंदे के पौधे को फूलों से भर देंगे।
जनवरी खत्म होने से पहले गेंदे के पौधे में करें ये 3 काम, फरवरी में खिलेंगे ढेर सारे फूल

जनवरी का महीना अब अपने आखिरी दिनों में है और ठंड धीरे-धीरे कम होने लगी है। ऐसे में बागवानी करने वालों के लिए यह समय बहुत खास होता है। खासतौर पर गेंदे का पौधा इस समय थोड़ी सी देखभाल मांगता है। कई लोगों को लगता है कि सर्दियों के बाद गेंदे का सीजन खत्म हो जाता है, लेकिन असलियत इससे बिल्कुल अलग है।

फरवरी की हल्की धूप गेंदे के लिए किसी टॉनिक से कम नहीं होती। अगर जनवरी खत्म होने से पहले पौधे की सही देखभाल कर ली जाए, तो फरवरी में हर डाल पर बड़े-बड़े पीले और नारंगी फूल खिलते नजर आते हैं। हम यहां आसान भाषा में बता रहे हैं वे 3 काम, जिन्हें करके आपका गार्डन फूलों से भर जाएगा।

जनवरी में गेंदे के पौधे की देखभाल क्यों है जरूरी

गेंदे का पौधा सर्दी के मौसम में धीरे-धीरे बढ़ता है। जनवरी के दौरान पौधे की जड़ें मजबूत होती हैं और फरवरी आते-आते उसमें फूल आने की पूरी तैयारी हो जाती है। अगर इस समय सही देखभाल नहीं की गई, तो कलियां सूखने लगती हैं और फूल छोटे रह जाते हैं।

ज्यादातर लोग इस समय खाद देना या छंटाई करना बंद कर देते हैं। यही सबसे बड़ी गलती होती है। जनवरी का महीना गेंदे के लिए तैयारी का समय होता है। सही समय पर मिट्टी, खाद और धूप का ध्यान रखा जाए, तो फरवरी में पौधा पूरी ताकत से फूल देता है।

मिट्टी की गुड़ाई और सही खाद का इस्तेमाल

किसी भी पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए मिट्टी का हल्का और हवादार होना बहुत जरूरी है। गेंदे के पौधे की देखभाल में मिट्टी की गुड़ाई सबसे पहला और अहम काम है। जनवरी के आखिरी दिनों में पौधे के चारों ओर 2 से 3 इंच गहराई तक मिट्टी को हल्के हाथों से खोदें। इससे जड़ों तक हवा पहुंचेगी और पौधा तेजी से पोषण ले पाएगा।

केले के छिलके की खाद क्यों है फायदेमंद

केले के छिलके की खाद गेंदे के लिए बहुत असरदार होती है। केले के छिलकों को सुखाकर पीस लें और मिट्टी में मिला दें। इसमें पोटैशियम भरपूर मात्रा में होता है, जो फूलों का साइज बढ़ाने में मदद करता है। अगर चाहें तो गोबर की सड़ी हुई खाद या वर्मीकम्पोस्ट भी थोड़ी मात्रा में डाल सकते हैं। ध्यान रखें, ज्यादा खाद डालना नुकसानदायक हो सकता है।

सूखे फूल और डाल की सही छंटाई

गेंदे के पौधे पर लगे सूखे फूल और मुरझाई डाल पौधे की ताकत खींच लेते हैं। इससे नई कलियां आना बंद हो जाती हैं। यही वजह है कि छंटाई बहुत जरूरी होती है। कैंची या हाथ से सूखे फूलों को टहनी के थोड़ा नीचे से काट दें। ऐसा करने से पौधा अपनी ऊर्जा नई शाखाओं और कलियों पर लगाता है।

छंटाई से क्या फायदा होता है

  • नई कलियां तेजी से निकलती हैं
  • पौधा घना बनता है
  • फूलों की संख्या बढ़ती है
  • पौधा ज्यादा समय तक फूल देता है

पिंचिंग और धूप का सही संतुलन

गेंदे का पौधा लंबा तो हो जाता है, लेकिन उसमें फूल बहुत कम आते हैं। ऐसी स्थिति में पिंचिंग करना जरूरी होता है। पिंचिंग में पौधे की सबसे ऊपर की कोमल टहनी को उंगलियों से हल्का सा तोड़ दिया जाता है। इससे साइड से नई शाखाएं निकलती हैं और पौधा झाड़ीदार बनता है।

धूप का कितना होना जरूरी

गेंदे के पौधे को रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप चाहिए। फरवरी में धूप हल्की लेकिन असरदार होती है। अगर पौधे को कम धूप मिलेगी, तो कलियां आएंगी लेकिन खिलने से पहले गिर जाएंगी। गमले या पौधे को ऐसी जगह रखें, जहां सुबह की धूप अच्छी मिले।

फरवरी में गेंदे के फूल क्यों आते हैं ज्यादा

फरवरी का मौसम गेंदे के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। इस समय न ज्यादा ठंड होती है और न ज्यादा गर्मी। मिट्टी में नमी बनी रहती है और धूप पौधे को सही मात्रा में मिलती है। अगर जनवरी में मिट्टी की गुड़ाई, छंटाई और पिंचिंग सही तरीके से कर ली जाए, तो फरवरी में पौधा पूरी ताकत से फूल देता है। यही वजह है कि शादी-ब्याह और पूजा के मौसम में गेंदे की मांग सबसे ज्यादा होती है।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।