क्या आपकी सुबह भी चाय-कॉफी के साथ होती है : सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है ये आदत, जानिए हेल्दी विकल्प

सुबह की ताज़गी में एनर्जी का तड़का लगाता है चाय या कॉफी का गर्मागर्म प्याला। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक कप चाय-कॉफी की आदत आपकी सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकती है। दिन की शुरुआत करने के लिए इससे बेहतर तरीके हो सकते हैं, जो आपकी सेहत और मूड दोनों का खयाल रखेंगे। इसलिए अगर आप भी हर सुबह चाय-कॉफी के तलबगार रहते हैं, तो थोड़ा ठहरकर इस आदत के बारे में सोचिए।
Morning Tea Coffee health effects

Choose Healthy Alternatives for a Better Morning : सुबह की पहली किरण जैसे ही खिड़की से झांकती है..दिन की हलचल शुरु हो जाती है। किसी के लिए ये ताजगी भरी हवा का झोंका होती है तो किसी के लिए अलार्म की कर्कश आवाज़ जो मीठी नींद को भंग कर दे। लेकिन एक चीज़ जो लगभग हर सुबह एक जैसी होती है..वो है एक गर्म कप चाय या कॉफी की तलब।

ज़्यादातर लोग जैसे ही आंखें खोलते हैं उनके ज़हन में पहला खयाल चाय या कॉफी का आता है। नींद भगाने के लिए, सुस्ती दूर करने के लिए या आदत के कारण..दिन की शुरुआत चाय-कॉफी से करना एक परंपरा हो जैसे। चाहे सर्दियों की ठिठुरन हो या गर्मियों की उनींदी सुबह, एक कप चाय या कॉफी की इच्छा कभी खत्म नहीं होती। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी ये आदत सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकती है।

सुबह और चाय-कॉफी का अटूट रिश्ता

सुबह-सुबह चाय की चुस्की के साथ अखबार पढ़ने का आनंद हो या कॉफी के मग के साथ फोन स्क्रॉल करने की आदत..हर किसी की सुबह को लेकर अपनी एक कहानी होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सुबह खाली पेट चाय या कॉफी पीना आपकी सेहत पर क्या असर डाल रहा है। ये आदत आपको कई तरह के नुकसान पहुंचा सकती है। आयुर्वेद भी कहता है कि सुबह जागने के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीना अच्छी आदत नहीं है। रातभर की फास्टिंग खत्म होते ही हमारे शरीर को सबसे पहले शुद्ध जल की आवश्यकता होती है, जिससे पाचन तंत्र सक्रिय हो और शरीर डिटॉक्स हो सके।

सुबह खाली पेट चाय या कॉफी पीना सेहत को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है। चाय और कॉफी में कैफीन और टैनिन होते हैं जो एसिड बढ़ाते हैं और पाचन संबंधी समस्याएं पैदा करते हैं। सुबह उठने पर शरीर में कोर्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन हाई लेवल पर होता है। खाली पेट कैफीन लेने से कोर्टिसोल असंतुलित हो सकता है, जिससे तनाव और चिंता बढ़ सकती है। खाली पेट कैफीन लेने से insulin sensitivity कम हो सकती है, जिससे ब्लड शुगर असंतुलित हो सकता है।

इस तरह करें अपनी सुबह की शुरुआत

1. गुनगुना पानी : ये सबसे सरल और प्रभावी विकल्प है। सुबह खाली पेट हल्का गर्म पानी पीने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है, डिटॉक्सिफिकेशन में मदद मिलती है और कब्ज की समस्या दूर होती है।

2. हर्बल टी के साथ शुरुआत करें : आप आप हर्बल टी भी ले सकते हैं। ये पाचन को दुरुस्त रखता है और शरीर को डिटॉक्स करती है। तुलसी वाली चाय इम्युनिटी बढ़ाती है और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है। अदरक-नींबू की चाय पाचन सुधारती है और शरीर को डिटॉक्स करती है। दालचीनी वाली चाय मेटाबॉलिज्म बढ़ाती है और ब्लड शुगर को नियंत्रित करती है।

3. आयुर्वेदिक ड्रिंक्स : आप आयुर्वेदिक पेय भी ले सकते हैं। जीरा धनिया सौंफ का पानी डाइजेशन सुधारता है और शरीर को ठंडक देता है।  वहीं हल्दी वाला पानी जिसे गोल्डन वॉटर भी कहते हैं, एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है और शरीर को डिटॉक्स करता है। अगर आपको कब्ज या पेट की समस्या रहती है तो त्रिफला का पानी लिया जा सकता है। लेकिन ये सब अपने शरीर की प्रकृति के हिसाब से लेना चाहिए।

4. नट्स और बीजों का दूध : बादाम का दूध कैल्शियम और विटामिन ई से भरपूर होता है। अखरोट या चिया सीड्स का दूध ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत है।

5. फलों और सब्जियों का जूस : एलोवेरा जूस स्किन और डाइजेस्टिव हेल्थ के लिए फायदेमंद है। गाजर-चुकंदर का जूस खून बढ़ाने और त्वचा को निखारने में मदद करता है। नींबू पानी के गुण तो हम सबको पता है। ये शरीर को हाइड्रेट रखता है और वेट लॉस में भी मदद करता है।

इसी के साथ सुबह के समय हल्का योग या स्ट्रेचिंग करें। आप एक अच्छी वॉक या एक्सरसाइज़ भी कर सकते हैं। इससे पूरे दिन आपकी एनर्जी बनी रहेगी। नाश्ते में पौष्टिक आहार शामिल करें। अगर चाय-कॉफी पीना ही है तो खाली पेट बिलकुल न पिएं..उससे पहले फल, भीगे हुए मेवे या हल्का नाश्ता करें। नाश्ते में फल, अंकुरित अनाज, दही, ओट्स, दलिया या मल्टीग्रेन चीला जैसे हेल्दी विकल्प शामिल करें। इससे शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स मिलते हैं, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर दिनभर एक्टिव रहता है। इस तरह आप अपनी सुबह की हेल्दी शुरुआत कर सकते हैं जिसका असर आपको अपने पूरे दिन पर दिखाई देगा।

(डिस्क्लेमर : ये लेख विभिन्न स्त्रोतें से प्राप्त जानकारियों पर आधारित है। इसे अपनाने से पूर्व विशेषज्ञ का परामर्श अपेक्षित।)

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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