
भारत का किचन हमेशा स्वाद के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। यहां की दाल हो या सब्ज़ी… पराठा हो या बिरयानी… हर पकवान अपने आप में लाजवाब है। चाहे शाकाहारी हो या मांसाहारी… हर वैरायिटी लोगों का दिल जीत लेती हैं। इन स्वादों की दुनिया में एक चीज ऐसी है, जिसके बिना कोई भी डिश अधूरी लगती है। जिसका नाम नमक है। अगर खाने में नमक कम रह जाए, तो सब फीका लगता है और अगर ज़्यादा हो जाए तो स्वाद बिगड़ जाता है। यही वजह है कि नमक को खाने की जान भी कहा जाता है। भारत के हर घर में आपको अलग-अलग तरह के नमक देखने को मिल जाएंगे। जिनमें काला नमक, सेंधा नमक, पिंक सॉल्ट और सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला सफेद नमक शामिल है। बता दें कि सफेद नमक रोजाना इस्तेमाल किए जाने वाला है, जिसकी बाजार में कीमत 10 से 50 रुपये किलो है।
हालांकि, आज हम आपको इन सबसे हटकर एक ऐसे नमक के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी कीमत के कारण उसे सबसे महंगे नमक का दर्जा मिला हुआ है, जो कि सोने-चांदी के सामान से कम नहीं है। साथ ही इसकी खासियत और फायदे भी गजब के हैं।
कोरियन बांस नमक (Korean Bamboo Salt)
जी हां! दरअसल, इसका नाम कोरियन बांस नमक (Korean Bamboo Salt) है, जिसे स्थानीय भाषा में जुग्योम कहा जाता है। इस नमक की कीमत सुनकर शायद आप चौंक जाएं। भारत में यह करीब 30 से 35 हजार रुपये किलो तक मिलता है, जबकि इंटरनेशनल मार्केट में इसकी कीमत 347 से 400 डॉलर यानी लगभग 28 से 32 हजार रुपये किलो के आसपास होती है। यह कोई साधारण नमक नहीं, बल्कि लगभग डेढ़ महीने यानी 45 से 50 दिनों की मेहनत से तैयार होता है। इस दौरान बांस के खोखले ट्यूबों में समुद्री नमक भरकर उसे आग पर कई बार पकाया जाता है। यह प्रक्रिया एक-दो बार नहीं, बल्कि पूरे 9 बार दोहराई जाती है।
दुनिया का यूनिक नमक
भट्टी में नमक को 800 से लेकर 1500 डिग्री सेल्सियस तक के तेज तापमान पर भूना जाता है। इस दौरान बांस के पोषक तत्व नमक में घुल जाते हैं। हर बार गर्म करने और ठंडा होने के बाद नमक का रंग और स्वाद बदलने लगता है। यही वजह है कि इस नमक को दुनिया का सबसे हेल्दी और यूनिक नमक कहा जाता है। कोरिया में बांस का इस्तेमाल सिर्फ बर्तनों या फर्नीचर तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां के लोग इसे खानपान और औषधीय उपयोग में भी लाते रहे हैं।
बांस नमक की परंपरा वहां सदियों पुरानी है। माना जाता है कि इस नमक का इस्तेमाल पारंपरिक उपचारों में किया जाता था। पुराने जमाने में लोग इसे दांत दर्द, पाचन संबंधी परेशानियों सहित घावों पर भी इस्तेमाल करते थे।
फायदे
कोरियन बांस नमक में साधारण नमक की तुलना में खनिजों की मात्रा कई गुना ज़्यादा होती है। इसमें आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम की अच्छी-खासी मात्रा पाई जाती है। यह नमक हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है। यह पाचन क्रिया को बेहतर करता है।हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है। शरीर की मिनरल्स की कमी पूरी करने में मदद करता है। यह खाने के स्वाद को अलग फ्लेवर देती है।
ऑनलाइन आसानी से उपल्ब्ध
भारत में आमतौर पर लोग सफेद नमक को ही ज्यादा तवज्जो देते हैं, लेकिन बड़े शहरों में और खासकर हेल्थ-कॉन्शियस लोगों के बीच पिंक सॉल्ट, सेंधा नमक और काला नमक की डिमांड लगातार बढ़ी है। इसी बीच कुछ लोग अब कोरियन बांस नमक को भी खरीद रहे हैं। भारत में यह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर आपको मिल जाएगा। कीमत इतनी ज्यादा होने के कारण इसे अमीरों का नमक भी कहा जाता है। 30 से 35 हजार रुपये किलो की कीमत होने के बावजूद कुछ लोग हेल्थ और यूनिकनेस के चलते इसे खरीदना पसंद करते हैं।
(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

