Relationship Tips: आजकल कपल्स अपना रहे DINK लाइफस्टाइल, इन चुनौतियां का करना पड़ता है सामना

कई कपल्स अपनी लाइफस्टाइल को बनाए रखना चाहते हैं। DINKs (Dual Income No Kids) कपल्स का कॉन्सेप्ट साल 1980 के दशक में शुरू हुआ था।
Relationship Tips: आजकल कपल्स अपना रहे DINK लाइफस्टाइल, इन चुनौतियां का करना पड़ता है सामना

Relationship Tips : आजकल समाज में कई बदलाव आए हैं और जीवनशैली में भी काफी फर्क आया है। करियर और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर जोर देने वाले कई कपल्स अब एक या बिल्कुल बच्चे नहीं रखने का रास्ता चुन रहे हैं। आजकल अधिकतर कपल्स अपने करियर को प्राथमिकता देते हैं और मानते हैं कि बच्चों की परवरिश में बहुत समय लगते हैं। कई कपल्स अपनी लाइफस्टाइल को बनाए रखना चाहते हैं। DINKs (Dual Income No Kids) कपल्स का कॉन्सेप्ट साल 1980 के दशक में शुरू हुआ था जोकि हाल ही के कुछ वर्षों लोकप्रिय हो गया है। DINKs कपल्स आम तौर पर दोनों पार्टनर्स के काम करने और बच्चों को नहीं पालने का चुनाव करते हैं

सोशल मीडिया ने DINKs कपल्स के विचारों को अधिक प्रकाश में लाया है। इन प्लेटफॉर्म्स पर लोग अपनी लाइफस्टाइल शेयर करते हैं, जिससे यह चलन और भी सामान्य हो गया है। ऐसे कपल्स कई कारणों से अपने जीवन को बच्चों के बिना जीना पसंद करते हैं। भारत में भी धीरे-धीरे DINK कपल्स की संख्या बढ़ रही है। रिसर्चगेट की स्टडी के अनुसार, लगभग 65% नवविवाहित कपल बच्चे नहीं करना चाहते हैं।

चुनौतियां

  • ज्यादा खर्चा करना
  • समाज से अलग-थलग महसूस करना
  • कभी-कभी अकेलापन भी महसूस होना
  • ज्यादा दूर की न सोच पाना
  • गलत इंवेस्टमेंट करना

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
Sanjucta Pandit

सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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