आपके घर में भी हैं कुछ ऐसे फूल, जिसे आयुर्वेद मानता है वरदान, जाने

आपके घर में भी हैं कुछ ऐसे फूल, जिसे आयुर्वेद मानता है वरदान, जाने

जीवनशैली, डेस्क रिपोर्ट। सदियों से आयुर्वेद में फूलों (Flowers) का इस्तेमाल स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए किया जा रहा है। भारत के मेडिकल सा विज्ञान में फूलों का बहुत ही ज्यादा महत्व होता है। सिंगार और घर की शोभा ही नहीं बल्कि स्वास्थ संबंधी कई समस्याओं का निवारण भी होता है। हम अक्सर अपने घरों में अनेक प्रकार के सुंदर सुंदर फूलों के पौधे लगाते हैं लेकिन क्या आपको पता है आपके आसपास मौजूद यह फूल आपके लिए कितने ज्यादा गुणकारी साबित हो सकते और आपको कई बीमारियों से निजात भी दिला सकते। तो आइए जाने इन फूलों के बारे में।

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गुड़हल का फूल

आयुर्वेद में गुड़हल के फूल को बहुत ही ज्यादा चमत्कारी माना गया है। धार्मिक तौर पर भी इस का अपना अलग ही महत्व होता है। साथ ही देवताओं का भी पसंदीदा माना जाता है। उनका फूल ना सिर्फ बालों के लिए बल्कि कई प्रकार की बीमारियों के लिए भी कारगर साबित हो सकता है। लाल रंग का दिखने वाला यह फूल विटामिन सी और अन्य कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है।

गेंदा फूल

गेंदे का फूल जिसे इंग्लिश में मेरीगोल्ड भी कहते हैं। इसकी खेती सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई भागों में भी होती है। इस फूल का सजावट में बहुत ही खास महत्व होता है। दीपावली और अन्य कई धार्मिक कार्यों में इसे आप देख सकते हैं। इसका इस्तेमाल आयुर्वेद स्वास्थ्य के लिए भी किया जाता है। इसमें त्वचा के कोशिकाओं को ठीक करने की क्षमता होती है। साथ ही इस फूल से बनी चाय आपको मुंह में और पेट में होने वाले छालों से निजात दिला सकती है।

अपराजिता

अपराजिता का फूल जो दिखने में ब्लू और कितने प्रकार का होता है दिखने में ही सुंदर नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बहुत ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल याददाश्त बढ़ाने और घाव को साफ करने के लिए बताया गया है।

सदाबहार

सदाबहार ल फूल आपको हर मौसम में मिल जाएगा। इस भारत में ही नहीं दुनिया के कई हिस्सों में पाया जाता है और सजावट में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। आयुर्वेद के मुताबिक सिर्फ इसके फूल ही नहीं बल्कि इसके तने और जड़े भी काफी ज्यादा मददगार होती है। साथ ही कई बीमारियों से भी निजात दिला सकती है।

पारिजात

पारिजात जिसे नाइट फ्लावरिंग जैसमिन भी कहा जाता है। इसकी सुगंध ही आपको अपनी और खींच सकती है। सुंदर और सुगंधित यह फूल भारत के कई हिस्सों में पाया जाता है। आयुर्वेद और होम्योपैथी में भी इस फूल का इस्तेमाल किया जाता है। सिर्फ इसका फूल ही नहीं बल्कि इसके बीज और पत्ते भी स्वास्थ संबंधित समस्याओं का निवारण कर सकते हैं। भारत में ही नहीं बल्कि कई देशों में भी इस फूल का इस्तेमाल स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का समाधान करने के लिए किया जाता है।
Disclaimer: इस खबर का उद्देश्य केवल शिक्षित करना है। कोई भी कदम उठाने से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।
Manisha Kumari Pandey
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