
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद के लिए समय निकाल पाना बहुत ही बड़ा चैलेंजिंग काम है। सुबह से लेकर रात तक काम, जिम्मेदारियों के बोझ तले इंसान को खोता चला जा रहा है। परिवार की जिम्मेदारी और कॉपरेट लाइफ में कॉम्पिटिशन लोगों को अकेलेपन, स्ट्रेस और तनाव की ओर तेजी से धकेल रहा है। काम को पूरा करते हुए लोग कुछ ऐसी आदतों के शिकार हो जाते हैं, जिसका परिणाम उन्हें आगे चलकर भुगतना पड़ता है। धीरे-धीरे इंसान शरीर के साथ-साथ दिल और दिमाग से भी थक जाता है। कई बार तो ऐसा होता कि शरीर में काफी एनर्जी रहती है, लेकिन दिमाग थका-थका सा महसूस होता है।
ऐसी परिस्थित में आमतौर पर ना इंसान सुकून से सो पाता है और ना ही खुद को स्ट्रे फ्री रह पाता है। धीरे-धीरे वह चिड़चिड़ेपन का शिकार हो जाता है। कई बार ऐसा काम के प्रेशर से होता है, तो बार कुछ आदतें भी इस हालात की जिम्मेदार होती है।
मानसिक थकान
बता दें कि मानसिक थकान दिखाई नहीं देती, लेकिन यह धीरे-धीरे शरीर के भीतर एनर्जी को खत्म कर देती है। रोजमर्रा की कुछ आदतें जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं… यही इसकी मुख्य वजह होती है। आज के आर्टिकल में आपको इन्हीं आदतों से रुबरु करवाएंगे। यदि आप भी इसके शिकार है, तो फौरन इसमें सुधार करें। अन्यथा, आगे चलकर आपको भी दिमागी थकान से गुजरना पड़ेगा। ऐसे में ना आप ढंग से काम कर पाएंगे और ही आरामदायक जीवन जी पाएंगे।
आदतें
- कई लोग बार-बार अपनी बात दूसरों को समझाने में लगे रहते हैं। चाहे फैसले हो या पसंद… उन्हें लगता है कि अगर ठीक से न बताया तो सामने वाला गलत समझ लेगा, लेकिन लगातार सफाई देते रहना दिमाग को थका देता है। ऐसी आदत वाले लोगों को यह समझने की जरूरत है कि हर चीज के लिए दूसरों की मंजूरी जरूरी नहीं, बल्कि खुदपर भरोसा रखकर आगे बढ़ते रहना ही समझदारी है।
- कभी ध्यान दिया है कि दोस्त, परिवार या कलीग में जब भी कोई अपनी परेशानी बताते हैं, तो वह तुरंत समाधान मोड में चले जाते हैं। कई बार ऐसे लोग सुनने की बजाय हल निकालने लगते हैं। इससे वह खुद का ही बोझ बढ़ाते ही हैं। साथ ही अनजाने में दूसरों की जिम्मेदारी भी अपने ऊपर ले लेते हैं। इससे भी मेंटल स्ट्रेस बढ़ता है और थक जाता है।
- आजकल लोग मानते हैं कि एक साथ कई काम करना स्मार्टनेस की निशानी है, लेकिन सच्चाई काफी अलग है। दिमाग बार-बार टास्क बदलने से थक जाता है। न कोई काम पूरी तरह होता है, न ही मन शांत हो पाता है। एक बार में सिर्फ एक काम पर ध्यान दिया जाए तो, कार्य बेहतर होगा। साथ ही दिमागी थकान भी कम होगी।
- बीते हुए झगड़े, विवाद या किसी की कही बुरी बात… अगर बार-बार याद किया जाए तो ये वर्तमान के सुकून को खा जाते हैं। यह मानसिक थकान का बड़ा कारण है। ऐसे में खुद को बार-बार याद दिलाइए कि वो समय अब बीत चुका है। इन बातों को जितना जल्दी छोड़ देंगे, उतना हल्का महसूस करेंगे। इससे आपको मेंटली स्ट्रॉन्ग होने का भी मौका मिलेगा।
- कई बार हम दूसरों को नाराज न करने के लिए बिना सोचे-समझे किसी भी काम के लिए हां बोल देते हैं। जिस कारण वो काम बोझ जैसा लगता है और मन थका हुआ महसूस करता है। इसलिए जरूरी है कि ना बोलना सीखें। थोड़ी देर सोचकर फैसला लें कि क्या सच में ये करना आपके लिए ठीक है।
- सोशल मीडिया, खबरें, वीडियो ये सब आंख और दिमाग पर बहुत गहरा असर डालते हैं। ज्यादा इनपुट नर्वस सिस्टम को थका देता है। इसलिए दिन में कम से कम 20 मिनट फोन से दूर रहिए। इस वक्त को चाय पी सकते हैं, गाना सुन सकते हैं या खुली हवा में टहल सकते हैं। इससे आपके दिमाग को शांति मिलेगी, साथ ही आपके आंखों को भी फायदा पहुंचेगा।
- कई बार इंसान काम का इतना अधिक लोड ले लेता है कि वह गुस्से और चिड़चिड़ेपन का शिकार हो जाता है। ऐसे में वह धीरे-धीरे अपनी इच्छा और भावनाओं को दबाने लगता है, जिससे वह अंदर ही अंदर घूटने लगता है। ऐसे में वह धीरे-धीरे मानसिक रुप से थक जाता है। इसलिए जरुरी है कि जब भी मन भारी लगे तो डायरी लिखें। किसी खास और भरोसेमंद से बात करें या अकेले समय बिताएं। इससे मन हल्का होगा।
थकान मिटाने का उपाय
जब भी लगे कि दिमाग थका है आंखें बंद करें और 5 मिनट गहरी सांस लें। सांस अंदर लें और धीरे-धीरे बाहर छोड़ें। इससे आपके मन को शांति मिलेगा।
(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

