कैल्शियम की कमी से बढ़ सकता है ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा, जानें इसके लक्षण

कैल्शियम शरीर और हड्डियों के लिए बेहद जरूरी है। इसकी कमी से ऑस्टियोपोरोसिस, फ्रैक्चर, मांसपेशियों में ऐंठन और दिल की समस्याएं हो सकती हैं। महिलाओं में यह कमी ज़्यादा दिखती है।
Calcium Deficiency

हमारे शरीर को ठीक से चलाने और हड्डियों को मजबूत बनाने में कैल्शियम की बहुत बड़ी भूमिका होती है। अगर कैल्शियम की कमी हो जाए, तो हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, चलने-फिरने में तकलीफ होती है। यहां तक कि दिल से जुड़ी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं। डॉक्टरों की मानें तो हमारे शरीर में हर उम्र में कैल्शियम की जरूरत होती है, लेकिन औरतों में ये कमी ज़्यादा देखने को मिलती है। असल में औरतों की दिनचर्या और खान-पान इस कमी की बड़ी वजह है। घर के काम, नौकरी और बाकी जिम्मेदारियों के बीच वे अक्सर अपनी डाइट पर उतना ध्यान नहीं दे पातीं।

ऊपर से बढ़ती उम्र के साथ शरीर का मेटाबॉलिज़्म बदलता है और शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने की क्षमता भी कम हो जाती है। यही वजह है कि 35-40 की उम्र पार करते ही महिलाओं में कमर दर्द, घुटनों का दर्द या थकान जैसी दिक़्कतें बढ़ने लगती हैं।

हो सकती है ये दिक्कतें

  • चिकित्सकों की मानें तो जब शरीर में कैल्शियम कम होता है तो हड्डियों की घनत्व घट जाती है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। इसमें हड्डियां इतनी नाज़ुक हो जाती हैं कि हल्का सा धक्का लगने पर भी फ्रैक्चर हो सकता है। यही नहीं कैल्शियम की कमी से मांसपेशियों में ऐंठन, दांतों की मजबूती कम होना और दिल की धड़कन पर भी असर पड़ सकता है।
  • डॉक्टरों का कहना है कि महिलाओं को बचपन से ही अपने खान-पान में कैल्शियम से भरपूर चीजें शामिल करनी चाहिए। दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, तिल, बादाम और सोया प्रोडक्ट्स इसके अच्छे स्रोत हैं। हालांकि, आजकल की फास्ट-फूड वाली आदतों ने इन सबकी जगह बाहर के तले-भुने और प्रोसेस्ड खाने ने ले ली है। जिस कारण शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता है।
  • गर्भावस्था और मेनोपॉज के बाद तो औरतों में कैल्शियम की कमी का खतरा और बढ़ जाता है। इस दौरान शरीर को ज़्यादा कैल्शियम की जरूरत होती है। अगर खान-पान संतुलित न हो तो शरीर खुद अपनी हड्डियों से कैल्शियम खींचना शुरू कर देता है। धीरे-धीरे यही कमजोरी की बड़ी वजह बन जाती है।

इन चीजों पर दें ध्यान

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि औरतों को अपने खान-पान में बदलाव करना चाहिए। रोज़ाना धूप में कुछ देर समय बिताने से शरीर में विटामिन D बनता है, जो कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है। अगर जरूरत हो तो डॉक्टर की सलाह पर कैल्शियम और विटामिन D की दवाइयां भी ली जा सकती हैं। कैल्शियम की कमी को हल्के में नहीं लेना चाहिए, खासकर औरतों को… वरना आगे चलकर छोटी-सी लापरवाही बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है। अपने खाने-पीने पर ध्यान देना, रोजाना थोड़ा समय धूप में बिताने और नियमित जांच करवाने से इस कमी से बचा जा सकता है।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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