खतरनाक जहर से भरा है यह पौधा, इंसान को कर सकता है बेहाल

अपने अमूमन अपने घर के आसपास या फिर जंगलों में विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधे देखे होंगे, लेकिन आज हम आपको उस पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि जहरीला पौधा माना जाता है।
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हरे भरे पेड़-पौधा से ही प्रकृति है। इसके बिना जीवन का कोई आधार नहीं है। पेड़-पौधे यदि ना हो तो जीवन की कल्पना करना भी संभव है। यह पर्यावरण को संतुलित रखने के साथ-साथ आक्सीजन प्रदान करते हैं, जो पृथ्वी पर जीवित रहने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। फिर पौधे भाइयों में मौजूद हानिकारक गैसों को अवशोषित करते हैं साथ ही वातावरण को शुद्ध भी करते हैं।

अपने अमूमन अपने घर के आसपास या फिर जंगलों में विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधे देखे होंगे, लेकिन आज हम आपको उस पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि जहरीला पौधा माना जाता है।

जिमपाई-जिमपाई पौधा

दरअसल, इस पौधे का नाम जिमपाई-जिमपाई है, जो कि खतरनाक पौधा है। इसके दिल के आकार की पत्तियां दिल की धड़कन बंद कर सकती है। इसकी एकदम किसी की भी जान ले सकती है। इसके खतरनाक गुणों के कारण सुसाइडल प्लांट भी कहा जाता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस पौधे की पत्तियों में लगे कांटे गलती से इंसान के शरीर में यदि चुभ जाए, तो यह बिच्छू के डंक जैसे महसूस होते हैं। यह जानलेवा होते हैं, इन्हें शरीर से बाहर निकलना बहुत मुश्किल होता है।

वैज्ञानिक नाम

इसकी कांटों का जहर इतना अधिक है कि उस इंसान को काफी ज्यादा तकलीफ होती है। वह अपना होश होने लगता है। इस पौधे के कांटों का दर्द इतना ज्यादा होता है कि व्यक्ति उससे छुटकारा पाने के लिए मौत को गले लगाना पसंद करता है। यह जहरीला पौधा ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है, जिसे वैज्ञानिक नाम डेंड्रोक्नाइड मोरोइड्स है, लेकिन लोग इसे आमतौर पर जिमपाई-जिमपाई के नाम से ही जानते हैं।

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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