Diwali 2026: दीपावली पर कितने दीपक जलाना माना जाता है शुभ? जानें 5, 11, 21 और 51 दीपकों का महत्व

दीपावली पर 5, 11, 21 और 51 दीपक जलाने की क्या है मान्यता, क्या कम दीपक जलाने से अधूरी रहती है लक्ष्मी पूजा?
Diwali 2026

Diwali 2026: दीपावली की रात घरों को दीपकों से रोशन करने की परंपरा है। कोई 11 दीपक जलाता है, तो कोई 21 या 51 दीपकों से घर सजाता है। लेकिन क्या दीपावली पर दीपकों की कोई निश्चित संख्या होती है? धार्मिक परंपराओं में दीपदान को शुभ माना गया है, हालांकि कितने दीपक जलाने चाहिए, इसे लेकर कोई एक सर्वमान्य नियम नहीं है। अलग-अलग परिवारों में दीपकों की संख्या से जुड़ी अपनी मान्यताएं हैं।

5, 11, 21 और 51 दीपकों का क्या महत्व है?

5 दीपक: कुछ लोकमान्यताओं में पांच दीपकों को पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश यानी पंचतत्व से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, यह सभी परंपराओं में मान्य नियम नहीं है।

11 दीपक: हिंदू धर्म में 11 रुद्रों का उल्लेख मिलता है। कुछ परिवार दीपकों की इस संख्या को भगवान शिव से जोड़ते हैं, जबकि कई घरों में यह केवल पारिवारिक परंपरा है।

21 दीपक: धार्मिक अनुष्ठानों में 21 की संख्या का विशेष स्थान है। भगवान गणेश को 21 दूर्वा या मोदक अर्पित करने की परंपरा भी है। हालांकि, इससे दीपावली पर 21 दीपक जलाने का अनिवार्य नियम सिद्ध नहीं होता।

51 दीपक: कई परिवारों और मंदिरों में 51 या 101 दीपक जलाने की परंपरा है। इसे उत्सव और सामूहिक दीपदान से जोड़कर देखा जाता है। इस संख्या के लिए भी कोई एक सर्वमान्य शास्त्रीय नियम नहीं है।

दीपावली पर दीपक कहां जलाएं?

दीपावली पर मुख्य द्वार, पूजा स्थल, आंगन और तुलसी के पास दीपक जलाने की परंपरा है। कई परिवार घर के मंदिर और रसोईघर में भी दीपक जलाते हैं। मुख्य द्वार पर दीपक माता लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक माना जाता है, जबकि पूजा स्थल पर जलने वाला दीपक आराधना और शुभता से जुड़ा है।

घी या तेल, किसका दीपक जलाना शुभ?

लक्ष्मी-गणेश पूजन में घी का दीपक जलाने की परंपरा है। घर के अन्य स्थानों पर सरसों या तिल के तेल के दीपक भी जलाए जाते हैं। परिवार अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार घी या तेल का उपयोग कर सकते हैं।

क्या कम दीपक जलाने से पूजा अधूरी रह जाती है?

दीपावली पर 5, 11, 21 या 51 दीपक जलाना अनिवार्य नहीं है। कम दीपक जलाने से लक्ष्मी पूजन अधूरा रह जाता है, ऐसी कोई सर्वमान्य धार्मिक मान्यता नहीं है। दीपक को ज्ञान, प्रकाश और शुभता का प्रतीक माना गया है। इसलिए दीपावली पर दीपकों की संख्या से अधिक महत्व श्रद्धा और दीपदान की परंपरा का है।

नोट: दीपकों की संख्या से जुड़ी मान्यताएं स्थानीय और पारिवारिक परंपराओं पर आधारित हैं। इन्हें अनिवार्य धार्मिक नियम नहीं माना जाना चाहिए।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
Follow Us :GoogleNews