मसूड़े से खून आने की समस्या को न करें अनदेखा, छिपी हो सकती हैं ओरल हेल्थ से जुड़ी गंभीर परेशानियां

मसूड़ों से खून आने को कभी हल्के में न लें। थोड़ी सावधानी, सही खानपान, नियमित ब्रशिंग और समय-समय पर डॉक्टर से जांच करवाकर आप अपने मसूड़ों और दांतों को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं।
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मसूड़े हमारे ओरल हेल्थ की नींव हैं। अगर नींव कमजोर होगी, तो मजबूत इमारत भी टिक नहीं पाएगी। मसूड़े दांतों की जड़ों को मजबूती प्रदान करते हैं। अगर मसूड़े स्वस्थ न हों, तो मजबूत दांत भी लंबे समय तक नहीं टिक पाते। अक्सर लोग दांतों की चमक पर ध्यान देते हैं, लेकिन मसूड़ों की सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है। ब्रश करते वक्त अगर कभी थूक गुलाबी दिखे या टूथब्रश पर हल्का खून नजर आए, जो कि सही नहीं है। यह मसूड़ों से जुड़ी किसी समस्या का संकेत है, जिसे हल्के में लेना आपकी ओरल हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है।

दांतों और मसूड़ों के बीच प्लाक जमा होना इसकी सबसे बड़ी वजह है। प्लाक में मौजूद बैक्टीरिया मसूड़ों में सूजन पैदा करते हैं, जिससे वे नाजुक हो जाते हैं और हल्के ब्रश या फ्लॉस से भी खून निकलने लगता है।

उपाय

  • कई लोग मानते हैं कि जोर से ब्रश करने से दांत ज्यादा साफ होते हैं, लेकिन असल में यह मसूड़ों को नुकसान पहुंचाता है। हार्ड ब्रिसल्स वाला ब्रश या जोर-जोर से घिसना मसूड़ों को कमजोर कर देता है।
  • धूम्रपान और तंबाकू का सेवन मसूड़ों की सेहत के लिए जहर जैसा है। इनमें मौजूद केमिकल्स मसूड़ों को कमजोर करते हैं और उनमें इन्फेक्शन का खतरा को बढ़ा देते हैं।
  • महिलाओं में पीरियड्स, प्रेग्नेंसी या मेनोपॉज के दौरान हार्मोन्स में बदलाव होता है। इस वजह से मसूड़े ज्यादा सेंसिटिव हो जाते हैं और खून निकलने लगता है। इसे प्रेग्नेंसी जिंजिवाइटिस भी कहते हैं।
  • ब्लड थिनर या हाई ब्लड प्रेशर की कुछ दवाएं मसूड़ों से खून आने की समस्या को बढ़ा सकती हैं।
  • विटामिन-सी और विटामिन-के की कमी मसूड़ों को कमजोर बना देती है। खासकर विटामिन-सी की कमी से इन्फेक्शन और खून निकलने की समस्या ज्यादा बढ़ती है।
  • डायबिटीज, ल्यूकेमिया और हीमोफिलिया जैसी गंभीर बीमारियां भी मसूड़ों से खून आने का कारण हो सकती हैं।

ऐसे करें बचाव

  • हमेशा सॉफ्ट ब्रिसल्स वाला टूथब्रश इस्तेमाल करें। दांतों को हल्के हाथ से गोल-गोल घुमाकर साफ करें। दिन में दो बार (सुबह और रात) कम से कम 2 मिनट तक ब्रश करना जरूरी है।
  • ब्रश करने से दांतों के बीच फंसे खाने के कण नहीं निकलते। रोजाना फ्लॉस करने से प्लाक साफ होता है और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं।
  • एंटी-बैक्टीरियल माउथवॉश मसूड़ों की सूजन कम करने और बैक्टीरिया के असर को घटाने में मदद करता है।
  • खानपान में विटामिन-सी और विटामिन-के से भरपूर फल और सब्जियां शामिल करें।
  • जितना हो सके पानी पीएं, इससे न सिर्फ शरीर हाइड्रेट रहता है, बल्कि खाने के कण भी आसानी से धुल जाएंगे।
  • धूम्रपान छोड़ दें।
  • साल में कम से कम दो बार डेंटल चेकअप जरूर करवाएं, ताकि शुरुआती समस्याओं को समय रहते रोका जा सके।

न करें नजरअंदाज

मसूड़ों से खून आना किसी बड़ी बीमारी की शुरुआती चेतावनी भी हो सकता है। अगर इसे नजरअंदाज किया गया, तो आगे चलकर पेरियोडोंटल डिजीज, दांतों का ढीला होना या गिरना जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ सकती हैं।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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