बहुत आसान है हर्बल फेस पैक बनाना, मिनटों में चमकेगा का चेहरा नेचुरली

बहुत आसान है हर्बल फेस पैक बनाना, मिनटों में चमकेगा का चेहरा नेचुरली

Herbal Face Pack: हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए बाजार से महंगे प्रोडक्ट खरीदने की जगह कुछ घरेलू नुस्खे आजमा कर देखें। आप घर में रखी चीजों से ही ऐसे फेस मास्क बना सकते हैं, जिससे चेहरा मिनटों में चेहरा चमकने लगेगा। आमतौर पर घर पर बने फेस मास्क के कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होते हैं। हर्बल चीजों से बने फेस मास्क से चेहरे के एक्ने और पिंपल्स भी कम होते हैं। हम आपको तीन अलग अलग किस्म के फेस मास्क बता रहे हैं। जिनमें से अपने चेहरे के लिए सूटेबल फेस मास्क आप खुद चुन सकते हैं।

हल्दी और नीम का पैक

हल्दी और नीम दोनों से ही त्वचा पर होने वाले पिंपल्स और एक्ने कम और हल्के होते हैं। इस फेस पैक को बनाने के लिए सबसे पहले नीम की पत्तियों का पेस्ट बनाकर, हल्दी मिक्स करें। थोड़ा सा गुलाब जल भी मिला लें। इस पैक को बीस मिनट स्किन पर लगा कर रखने के बाद धो लें। स्किन को हेल्दी ग्लो मिलेगा।

एलोवेरा जेल का फेस मास्क

एलोवेरा हर स्किन टाइप के लिए फायदेमंद होती है। एलोवेरा जेल में शहद, नीम पाउडर मिक्स करें। पैक ज्यादा टाइट लगे तो पानी या नींबू का रस मिला लें। इस पैक को स्किन पर लगा कर रखें। गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।

चंदन फेस मास्क

एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर चंदन के साथ शहद और दही मिक्स करें। ये पैक एक एंटी एजिंग फेस पैक है। इस पैक को कम से कम बीस मिनट तक स्किन पर लगा कर रखें। बाद में चेहरा धो लें। स्किन को ठंडक के साथ भरपूर हाइड्रेशन और ग्लो मिलेगा।

ये बात रखें याद

ये सभी तरह के फेस पैक नेचुरल चीजों से तैयार हुआ है। इसलिए इन सबका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। इसके बाद भी पैक का पेच टेस्ट जरूर करें। स्किन पर किसी भी पैक से इरिटेशन या जलन होती है तो उसका चेहरे पर उपयोग न करें. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

Disclaimer: इस खबर का उद्देश्य केवल शिक्षित करना है, जो मान्यताओं पर आधारित है। विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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