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दुनिया का इकलौता देश जहां नहीं है एक भी अस्पताल, कोई बच्चा नहीं जन्म लेता, जानें फिर इमरजेंसी हेल्थकेयर के दौरान क्या करते हैं लोग

Written by:Sanjucta Pandit
Published:
दुनिया में एक ऐसा देश भी है, जहां 96 साल से कोई बच्चा पैदा नहीं हुआ। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यहां एक भी अस्पताल नहीं है! अब प्रश्न यह उठता है कि फिर बीमार लोग इलाज कहां कराते हैं? जानिए इस अनोखे देश की हेल्थकेयर व्यवस्था का पूरा सच।
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दुनिया का इकलौता देश जहां नहीं है एक भी अस्पताल, कोई बच्चा नहीं जन्म लेता, जानें फिर इमरजेंसी हेल्थकेयर के दौरान क्या करते हैं लोग

No Hospital, No Births in 96 Years

Only Country in The World Where There is No hospital and No Birth : दुनिया में कई ऐसी अनोखी जगह हैं, जिनके बारे में बहुत सारे लोग नहीं जानते हैं। इनमें से एक ऐसा देश भी है, जहां पिछले 96 साल से एक भी बच्चा पैदा नहीं हुआ है। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि यहां पर एक भी अस्पताल नहीं है। यह बात चौंकाने वाला है, लेकिन यह बिल्कुल सच है। घर में बच्चों की किलकारी ना गुंजे, तो घर सुना-सुना लगता है। कई बार अपने बड़े बुजुर्गों से “हम दो, हमारे दो” वाली कहावत भी सुनी होगी, लेकिन इस देश में आजतक कोई बच्चा जन्म नहीं लिया, तो आप बहुत सारी बातों को सोचने पर मजबूर हो गए होंगे कि आखिर बीमार पड़ने पर लोग क्या करते होंगे।

मन में यह भी सवाल उठ रहे होंगे कि यदि यहां पर अस्पताल नहीं है, तो क्या यहां के लोग बीमार नहीं पढ़ते होंगे। यदि कोई मेडिकल इमरजेंसी आ जाए तो फिर यहां क्या होता है। किसी बच्चे का जन्म नहीं हुआ है तो जनसंख्या वृद्धि कैसे होगी। आइए आपको इसका जवाब बताते हैं।

वेटिकन सिटी (Vatican City)

दरअसल, इस देश का नाम वेटिकन सिटी है, जो दुनिया का सबसे छोटा देश है। जनसंख्या की बात करें, तो यह करीब 800 के आसपास है। जिसे कैथोलिक चर्च द्वारा संभाल गया है। यहां रोमन कैथोलिक ईसाई धर्म के सभी धर्मगुरु रहते हैं। इस देश की स्थापना 11 फरवरी साल 1929 में किया गया था, तब से लेकर आज तक यहां पर एक भी बच्चा पैदा नहीं हुआ और ना ही यहां पर एक भी अस्पताल नहीं है। ऐसे में जब कोई व्यक्ति यहां पर बीमार पड़ जाता है या फिर इमरजेंसी हेल्थ केयर की जरूरत होती है, तो उन्हें इटली के अस्पतालों में भेज दिया जाता है।

किसी बच्चे का नहीं हुआ जन्म

यह देश रोम सिटी के बीचो-बीच है, जिसका क्षेत्रफल मात्र 111 एकड़ है। कई बार अस्पताल बनाने का अनुरोध भी किया गया, लेकिन हर बार इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया। ऐसे में यहां कोई बीमार हो जाए या फिर कोई महिला गर्भवती होती है, तो उन्हें रोम के अस्पताल में भेज दिया जाता है। यही कारण है कि यहां अब तक किसी भी बच्चे ने जन्म नहीं लिया, क्योंकि यहां पर प्रसव कक्ष की कोई सुविधा नहीं है।

कैसे होता है बीमार लोगों का इलाज

वेटिकन सिटी में स्थानीय नागरिकता नहीं मिलती। यहां चर्च के अधिकारी, कार्डिनल्स, पादरी और स्विस गॉड्स रहते हैं, जिन्हें ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है। वहीं, जो लोग यहां काम करते हैं, वह भी अस्थाई रूप से ही यहां रहते हैं। जिनका परिवार आमतौर पर इटली या फिर अन्य देशों में रहता है। यही कारण है कि पिछले 96 सालों से कोई जन्म नहीं हुआ। मेडिकल इमरजेंसी के दौरान वेटिकन सिटी के अंदर एंबुलेंस की टीम मौजूद रहती है, जो रोम के अस्पतालों तक मरीजों को पहुंचाती है। इसके अलावा, यहां पर एक छोटा सा मेडिकल डिस्पेंसरी है, जहां प्राथमिक उपचार दिया जाता है। इसके साथ ही यहां दुनिया की सबसे पुरानी फार्मेसी स्थित है।

दुनिया का सबसे छोटा रेलवे स्टेशन

दुनिया का सबसे छोटा देश होने के साथ ही यहां का रेलवे स्टेशन भी सबसे छोटा है, जहां केवल दो ट्रैक है। इसकी लंबाई मात्र 300 मीटर है और एक स्टेशन है, जिसका नाम सिट्टा वेटिकनो है। इसका उपयोग केवल माल परिवहन के लिए किया जाता है। यहां लोगों के लिए ट्रेन नहीं चलाई जाती है।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit
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