अब शरीर में नहीं होगी कमजोरी और थकान, बस डेली डाइट में शामिल करें ये दाल

बदलती लाइफस्टाइल और खान-पान की आदतों के चलते लोगों में विटामिन B12 की कमी बढ़ रही है। शाकाहारियों के लिए चना दाल इसका बेहतरीन स्रोत है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन और जिंक के साथ फर्मेंटेशन या अंकुरण पर बी12 जैसे कंपाउंड्स बनते हैं।
Chanaa Dal

हमारा शरीर एक मशीन की तरह है, जिसे ढंग से चलाने के लिए अलग-अलग विटामिन्स और पोषक तत्वों की जरूरत होती है। जैसे पेट्रोल के बिना गाड़ी नहीं चल सकती, वैसे ही पोषण की कमी से शरीर बीमारियों का घर बन जाता है। आज के समय में जब बदलती लाइफस्टाइल और खान-पान की आदतों के कारण विटामिन्स की कमी आम हो चुकी है, ऐसे में चना दाल जैसी सस्ती और आसानी से उपलब्ध चीज को नजरअंदाज करना किसी गलती से कम नहीं होगा। यह दाल हर भारतीय रसोई में मिल जाती है और इसे खाने के तरीके भी कई हैं। इनमें विटामिन बी12 (Vitamin B12) का नाम सबसे अहम है। यह कोशिकाओं को ऊर्जा देने के साथ-साथ डीएनए बनाने में भी अहम भूमिका निभाता है। बी12 की कमी से थकान, कमजोरी, याददाश्त की समस्या और एनीमिया जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

खासकर शाकाहारी लोगों में इसकी कमी ज़्यादा देखने को मिलती है, क्योंकि यह विटामिन मुख्य रूप से मांस और डेयरी उत्पादों में पाया जाता है। आज के आर्टिकल में हम आपको इसी दाल के बारे में विस्तार से बताएंगे, जो शरीर के लिए बहुत ही ज्यादा जरूरी माना जाता है।

चना दाल

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि रोज़मर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाली साधारण चना दाल शाकाहारियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। भारतीय थाली की सबसे लोकप्रिय दालों में से यह एक है, जिसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। साथ ही विटामिन बी12 भी इसमें भरपूर मात्रा में पाई जाती है। दरअसल, जब चना दाल को अंकुरित किया जाता है या फिर फर्मेंटेशन की प्रक्रिया से गुजारा जाता है, तब इसमें विटामिन बी12 जैसे कंपाउंड्स विकसित होते हैं। यही कारण है कि इडली, ढोकला या दाल से बने फर्मेंटेड फूड्स को हेल्दी और पौष्टिक माना जाता है।

फायदा

चना दाल आसानी से पच जाती है और लंबे समय तक पेट भरा रखता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है, जबकि आयरन शरीर में खून की कमी को पूरा करने में मदद करता है। जो लोग शाकाहारी हैं और विटामिन बी12 के लिए परेशान रहते हैं, उनके लिए चना दाल एक नैचुरल सपोर्ट सिस्टम की तरह है।

ऐसे करें सेवन

  • रोजाना लंच या डिनर में चना दाल को शामिल करें। इसे तड़का लगाकर या साधारण उबालकर खाया जा सकता है।
  • भीगे हुए चने को अंकुरित करके उसका सलाद बनाएं। इसमें नींबू, प्याज और टमाटर डालकर स्वाद को बढ़ाया जा सकता है।
  • चना दाल से बने ढोकले, इडली या चीले खा सकते हैं। इनमें विटामिन बी12 जैसे कंपाउंड्स की मौजूद होते हैं।
  • चावल और चना दाल से बनी खिचड़ी हल्की और पौष्टिक होती है। वहीं, चना दाल का सूप बदलते मौसम में इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद करता है।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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