ड्राइविंग लाइसेंस पर एक्सपायरी डेट होना यह कोई गलती या चुक नहीं है, बल्कि इसके पीछे कहीं सारे कारण शामिल होते हैं लेकिन फिर भी इसके बारे में काफी सारे लोगों को पता नहीं होता है भारत ही नहीं दुनिया के कहीं ऐसे देश है जहां पर इन चीजों को ध्यान में रखते हुए ही ड्राइविंग लाइसेंस पर एक्सपायरी डेट दी जाती है।
आपको बता दे जैसे-जैसे व्यक्ति की उम्र बढ़ती जाती है वैसे-वैसे ही सुनने की क्षमता और आंखों की रोशनी आदि कम हो जाती है, जिसकी वजह से ड्राइविंग करना खतरनाक हो सकता है इन चीजों को देखते हुए ही ड्राइविंग लाइसेंस पर एक्सपायरी डेट दी जाती है ताकि समय-समय पर व्यक्ति के स्वास्थ्य और ड्राइविंग का परीक्षण किया जा सके।
भारत में कितने समय बाद करवाना होता है रिन्यू
हिंदुस्तान में ड्राइविंग लाइसेंस 18 वर्ष की उम्र के बाद ही दिया जाता है। आमतौर पर इस लाइसेंस की वैधता बीच या 50 साल की उम्र तक होती है, लेकिन इसके बाद भी 40 साल के बाद इसे रिन्यू करवाने के लिए मेडिकल टेस्ट देना जरूरी होता है। इसके अलावा भी नियमित रिन्यूअल भी किए जाते हैं, जिसके द्वारा यह सुनिश्चित किया जाता है कि आप नए ट्रैफिक नियमों से अपडेटेड रहे और लाइसेंस होल्डर की पहचान भी सुनिश्चित की जाती है कि यह सही व्यक्ति के पास है या नहीं।
फर्जीवाड़े भी है एक बड़ा कारण
जी हां, फर्जीवाड़ा या फिर कहें की अवैध तरीके से लाइसेंस बनाना, जो की गलत है इसे रोकने के लिए भी रिन्यू करवाया जाता है। परिवहन मंत्रालय के आंकड़ों के हिसाब से 2024 तक 30 करोड़ से भी ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं और इसकी रिन्यूअल की प्रक्रिया भी अब डिजिटल रूप से की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके की धारक का रिकॉर्ड सही है वही आप इसे ‘सारथी’ पोर्टल के जरिए ऑनलाइन रिन्यू कर सकते हैं, जिससे कि आपका समय और मेहनत दोनों ही बचेगी।






