लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास की 649वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कानपुर रोड स्थित संत रविदास मठ में उनकी प्रतिमा और एक नए सभागार का लोकार्पण किया। सीएम योगी ने कहा कि संत रविदास की दिव्य आभा आज भी ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर रही है।
सीएम योगी ने कहा कि संत रविदास का प्राकट्य ऐसे समय में हुआ जब देश विदेशी आक्रांताओं से त्रस्त था। उन्होंने उस कठिन दौर में भी कर्म की साधना को महत्व दिया और समाज को लोककल्याण के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’
मुख्यमंत्री ने संत रविदास के प्रसिद्ध वक्तव्य ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ का जिक्र करते हुए कर्म की प्रधानता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “सब कुछ कर्म पर निर्भर करता है। अच्छा कर्म करेंगे तो अच्छा और बुरा कर्म करेंगे तो बुरा फल पाएंगे।” सीएम योगी ने यह भी कहा कि मध्यकाल में जगद्गुरु रामानंदाचार्य ने अलग-अलग जातियों से 12 शिष्य बनाकर समाज को जोड़ने का जो अद्भुत कार्य किया, उसी नींव पर वर्तमान भारत का निर्माण हुआ है।
‘मोदी सरकार ने साकार किया संतों का सपना’
सीएम योगी ने कहा कि संत रविदास ने ऐसे राज की परिकल्पना की थी, जहां कोई भूखा न सोए और सभी को सम्मानजनक जीवन मिले। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने संतों की इस प्रेरणा को भुला दिया था, लेकिन 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद इस दिशा में अभूतपूर्व कार्य हुए।
“संत की वाणी कभी व्यर्थ नहीं होती। 2014 के बाद पीएम मोदी ने गरीबों के बैंक खाते खुलवाए, उन्हें शौचालय, आवास, रसोई गैस और मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए। ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूल में सद्गुरु रविदास की ही प्रेरणा है।”- योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
उन्होंने कहा कि गरीबों को सीधे उनके खाते में योजनाओं का लाभ पहुंचाना और हर जरूरतमंद को राशन व स्वास्थ्य सुविधा देना संत रविदास के सपनों को साकार करना है।
काशी में विकास कार्यों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने संत रविदास की जन्मस्थली काशी के सीर गोवर्धन में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले वहां जाने का रास्ता तक ठीक नहीं था। पीएम मोदी की प्रेरणा से डबल इंजन सरकार ने उनकी जन्मभूमि को फोरलेन सड़क से जोड़ा और एक विशाल लंगर हॉल बनवाया, जिसमें 50 हजार लोग एक साथ प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि वहां संत रविदास की एक भव्य मूर्ति भी स्थापित की गई है, जो दूर से ही दिखाई देती है।
विभाजनकारी ताकतों से किया आगाह
अपने संबोधन के अंत में सीएम योगी ने लोगों को विभाजनकारी ताकतों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा, “विभाजनकारी ताकतें समाज को बांटेंगी, लेकिन हमें गुलामी के कालखंड को याद करते हुए उन्हें सिर उठाने का अवसर नहीं देना है।” उन्होंने कहा कि देश की एकता और संप्रभुता के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। सीएम ने प्रदेश में अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन समेत लगभग 1200-1500 धार्मिक स्थलों के पुनरोद्धार का भी जिक्र किया।





