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UP SIR का काम पूरा, 2.89 करोड़ वोटर्स के नाम कटेंगे, 31 दिसंबर को आयेगी ड्राफ्ट लिस्ट

Written by:Atul Saxena
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निर्वाचन आयोग के मुताबिक 31 दिसंबर को ड्राफ्ट वोटर्स लिस्ट जारी की जाएगी इसके बाद 31 दिसंबर 2025 से 30 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी।
UP SIR का काम पूरा, 2.89 करोड़ वोटर्स के नाम कटेंगे, 31 दिसंबर को आयेगी ड्राफ्ट लिस्ट

12 राज्यों में चल रही SIR प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश में काम पूरा हो गया है और यहाँ तारीख बढ़ाये जाने की चर्चा पर विराम लग गया है, बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया के दौरान 2.89 करोड़ वोटर्स के नाम काटना तय है, अभी उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ करोड़ 44 लाख वोटर है, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 31 दिसंबर को आएगी।

जानकारी के मुताबिक 26 दिसंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 2 करोड़ 89 लाख मतदाता कम हुए हैं, SIR की अंतिम तारीख के बाद करीब 18.7 प्रतिशत मतदाताओं के नाम दर्ज नहीं हुए इनमें से अकेले राजधानी लखनऊ में ही 12 लाख वोटर कम हुए हैं।

1.25 करोड़ वोटर्स परमानेंट शिफ्ट 

बताया जा रहा है कि यूपी में जिन 2.89 करोड़ वोटर्स के नाम कटे हैं उनमें से 1.25 करोड़ वोटर्स ऐसे हैं, जो परमानेंट शिफ्ट हो चुके हैं। ऐसे मतदाताओं ने बीएलओ को खुद ये जानकारी दी है वहीं 45.95 लाख वोटर्स ऐसे मिले हैं जिनकी मृत्कीयु हो चुकी है, लिस्ट में 23.59 लाख डुप्लीकेट वोटर निर्वाचन आयोग को मिले हैं।

करीब 84 लाख वोटर लापता

एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जानकारी सामने आई कि करीब 84 लाख वोटर लापता हैं इसके अलावा  9.57 लाख मतदाताओं ने अपना फॉर्म ही जमा नहीं किया। लखनऊ में करीब 40 लाख वोटर थे। करीब 70 फीसदी यानी 28 लाख वोटर ने एसआईआर फॉर्म भरे हैं। राजधानी की सूची में ही चुनाव आयोग को 5.36 लाख डुप्लीकेट वोटर्स  मिले हैं।

31 दिसंबर को ड्राफ्ट, 28 फरवरी 2026 को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट

निर्वाचन आयोग के मुताबिक 31 दिसंबर को ड्राफ्ट वोटर्स लिस्ट जारी की जाएगी इसके बाद 31 दिसंबर 2025 से 30 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। दावे आपत्तियों के बाद निर्वाचन आयोग 28 फरवरी 2026 को फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित करेगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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