कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत का आरोपी ने खोला राज, गायब अवशेष भी बरामद

mp tourism, Bandhavgarh Tiger Reserve

बालाघाट, सुनील कोरे। संरक्षित वन्यप्राणी बाघ (Tiger) के प्लास्टिक बोरी में मिले अवशेष मामले के बाद बाघ के शिकार की जांच में जुटे कान्हा प्रबंधन (Kanha Tiger Reserve Management) ने एक आरोपी को पकड़ा है। जबकि आरोपी के दो साथी फरार है। गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर गायब बाघ के अवशेष और धड़ का पिछला हिस्सा, पानी में डुबोकर पत्थर से बांधकर रखी गई बोरियों से बरामद किया है। आरोपी से पता चला कि जंगली सुअर का शिकार करने लगायो गये बिजली के तारों के वजह से करंट लगने से बाघ की मौत हो गई थी, जिसके बाद बाघ के शव को कुल्हाड़ी से काटकर उसके अवशेष को अलग-अलग बोरियो में बांधकर पानी में डुबो दिया था। जिसके बाद आरोपी की निशानदेही पर कान्हा प्रबंधन ने गायब बाघ के अवशेष के साथ ही शिकार में प्रयुक्त किये गये बिजली के तार और बाघ को काटने में प्रयुक्त की गई कुल्हाड़ी को बरामद किया है। वहीं फरार दो आरोपियों की कान्हा प्रबंधन टीम तलाश कर रही है।

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गौरतलब हो कि गत दिवस कान्हा टाइगर रिजर्व (Kanha Tiger Reserve) के बफर वनमण्डल अंतर्गत परिक्षेत्र सिझौरा की बीट मोहाड़-।। के ग्राम मनोहरपुर में नाला में स्थित स्टापडेम के पास कान्हा की टीम ने प्लास्टिक बोरे में रखे गये बाघ के शरीर के कुछ हिस्से जब्त किये गये थे। इन हिस्सों को तेज औचार से काटा जाकर अलग किया गया था। हालांकि बरामद बाघ के शरीर के हिस्सो में बाघ का सिर एवं पैर का हिस्सा गायब था। बोरी में मिले बाघ के शव के अवशेष की स्थिति बता रही थी कि कुछ दिनों पूर्व इसे काटा गया है। जिसमें प्रारंभिक जांच के बाद कान्हा प्रबंधन शिकार का मामला मानते हुए अपनी जांच शुरू कर दी थी।

अब कान्हा प्रबंधन के सामने बाघ के शिकार किये जाने की अवधि और शिकार का प्रकार जानने की चुनौती थी। जिसे गंभीरता से लेते हुए कान्हा प्रबंधन टीम ने घटनास्थल का बारिकी से निरीक्षण कर खोजी कुत्ते (डॉग स्क्वायड) एवं स्थानीय संपर्को की सहायता से मनोहरपुर के कुम्हारीटोला निवासी संदिग्ध व्यक्ति चैतु पिता समरथ बैगा को गिरफ्तार किया था। जिसने पूछताछ में बताया कि 1-2 अक्टूबर की रात्रि अपने भाई मनीराम पिता दशरथ और साथी कमल पिता दशरू के साथ मिलकर जंगली सुअर का शिकार करने की मंशा से खेत से लगे क्षेत्र में विद्युत करेंट लगाया गया था, जिसमें जब वन्यजीव फंसा और आवाज आई और जब वे वहां पहुंचे तो बाघ मृत पड़ा था। जिसे देखकर घबराहट में उन्होंने बाघ का शव छिपाने की मंशा से कुल्हाड़ी से बाघ के टुकड़े कर उसे अलग-अलग बोरियो में भरकर समीपस्थ नाले के पानी में डुबा दिया था। जिसके बाद गिरफ्तार किये गये आरोपी की निशानदेही पर पानी में पत्थर बांधकर रखी गई एक और बोरी से कान्हा प्रबंधन ने बाघ के अवशेष बरामद किये। जबकि मामले में आरोपी कमल और मनीराम फरार है।

कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक एस.के. सिंह कहना है कि बाघ के बरामद अवशेष मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभ की गई जांच में एक आरोपी को पकड़ा गया। जिसमें उसने बताया कि सुअर का शिकार करने करेंट लगाया गया था। जिसमें बाघ के फंस जाने से उसकी मौत हो गई थी। जिससे बचने के लिए आरोपियों ने कुल्हाड़ी से उसके शव को काटकर अलग-अलग बोरियों में रखकर उसे पानी में छिपा दिया था। जिसमें पकड़ाये गये आरोपी की निशानदेही पर बाघ के सिर और धड़ के नीचे के भाग को पत्थर से बांधकर पानी में छिपाई गई बोरियों से बरामद कर लिया गया है। मामले में आरोपी के दो अन्य साथी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है, जिन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

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