केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों और नए श्रम कानूनों के खिलाफ केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर गुरुवार को आयोजित राष्ट्रव्यापी हड़ताल का मध्य प्रदेश में बड़ा असर दिख रहा है। प्रदेश में बैंकिंग, बीमा और संचार जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हड़ताल में कई प्रमुख ट्रेड यूनियन शामिल हैं, जिससे केंद्रीय कार्यालयों में कामकाज ठप हो गया है।
हालांकि, आम जनजीवन पर इसका मिला-जुला असर है क्योंकि बाजार, स्कूल और कॉलेज खुले हुए हैं। रेल परिवहन पर भी हड़ताल का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
बैंकिंग सेवाओं पर सबसे ज्यादा असर
इस हड़ताल का सबसे व्यापक असर बैंकिंग सेक्टर पर पड़ा है। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) और ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) समेत कई प्रमुख बैंक यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन किया है। इसके चलते मध्य प्रदेश की 6,000 से अधिक सरकारी और निजी बैंकों की शाखाओं में काम नहीं हो रहा है।
खास तौर पर चेक क्लियरिंग का काम पूरी तरह से ठप है, जिससे कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
“हड़ताल में सरकारी के साथ प्राइवेट बैंक भी शामिल होंगे। भारतीय स्टेट बैंक यूनियन ने हड़ताल का समर्थन किया है, लेकिन वह सीधे तौर पर हड़ताल में शामिल नहीं रहेगा।” — वीके शर्मा, को-ऑर्डिनेटर, मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन
भोपाल में, कर्मचारियों ने होशंगाबाद रोड स्थित डाक भवन के सामने इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया और रैली निकाली।
बीमा, डाक और बीएसएनएल भी प्रभावित
बैंकिंग के अलावा अन्य केंद्रीय सेवाओं पर भी हड़ताल का असर साफ नजर आ रहा है। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के कर्मचारी भी इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का हिस्सा हैं, जिससे बीमा संबंधी कामकाज प्रभावित हुआ है।
इसी तरह, भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और डाक विभाग के कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं, जिससे इन विभागों की सेवाएं भी बाधित हुई हैं। ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मोर्चे — जिसमें आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस और सीटू जैसे बड़े संगठन शामिल हैं — ने इस हड़ताल को सफल बनाने का दावा किया है।
कहां नहीं है बंद का असर?
संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस हड़ताल का असर स्कूल-कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों पर नहीं पड़ेगा। वे सामान्य रूप से खुले रहेंगे। इसके अलावा, भोपाल समेत प्रदेश के किसी भी बड़े शहर में स्थानीय स्तर पर बाजार बंद का कोई आह्वान नहीं किया गया है। हालांकि, ट्रांसपोर्ट कारोबार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि मध्य प्रदेश देश के अन्य हिस्सों के लिए एक प्रमुख ट्रांसपोर्ट हब है।





