भिंड जिला जेल हादसे का सीसीटीवी फुटेज आया सामने, सभी बंदी किये शिफ्ट

भिंड जिला जेल हादसे का सीसीटीवी फुटेज आया सामने, सभी बंदी किये शिफ्ट

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। मध्यप्रदेश की भिंड जिला जेल (Bhind District Jail) में शनिवार की सुबह हुए हादसे के बाद एक सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर सामने आया है। सीसीटीवी में बैरक भरभराकर गिरता दिखाई दे रहा है। उधर हादसे के बाद सभी 234 बंदियों को ग्वालियर सेन्ट्रल जेल (Gwalior Central Jail) में शिफ्ट कर दिया गया है।

ग्वालियर सेन्ट्रल जेल सर्किल की भिंड जिला जेल में आज शनिवार को सुबह दो बैरक भरभराकर गिर गए। घटना का कारन लगातार बारिश के कारण पुरानी हो चुकी जेल की दीवारों का कमजोर होना माना जा रहा है।  हालाँकि सही वजह तो जांच के बाद ही मालूम चलेगी।

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घटना में 21 बंदी घायल हो गए  जिनमें से 20 को भिंड जिला अस्पताल में भर्ती कराया  गया और एक गंभीर घायल को ग्वालियर रेफर कर दिया गया।  उधर जेल मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा के निर्देश के बाद जेल प्रबंधन ने भिंड जिला जेल के शेष बंदियों को कड़ी सुरक्षा के बीच ग्वालियर सेन्ट्रल जेल शिफ्ट कर दिया।

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ग्वालियर सेन्ट्रल जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू ने एमपी ब्रेकिंग से बातचीत में बताया कि भिंड जिला जेल में 255 बंदी थे , जिनमें से 21 घायल हो गए जजिंका इलाज जारी है शेष बचे 234 बंदियों को ग्वालियर सेन्ट्रल जेल शिफ्ट किया गया है।  उन्होंने कहा कि भिंड जिला जेल से आये सभी बंदियों को अलग रखा गया है उन्हें क्वारेंटीन कर दिया है।

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इस बीच भिंड जिला जेल हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें सामान्य दिनों की तरह बंदी और जेल कर्मचारी यहाँ वहां जाते दिखाई से रहे हैं और इसी बीच अचानक बैरक भरभराकर गिर जाती है। उधर हादसे की जाँच के लिए एडीजी जेल गाजीराम मीणा भिंड पहुँच गए हैं उनके साथ PWD के अधिकारी भी हैं जो हादसे की जांचकर रिपोर्ट जेल मंत्री और विभाग को सौंपेंगे।

https://vimeo.com/581531800

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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