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CM मोहन यादव ने गिनाई ‘MP ई-सेवा’ पोर्टल की उपलब्धियां, कहा “यह डिजिटल गवर्नेंस का सशक्त आधार”

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मुख्यमंत्री ने ई-सेवा पोर्टल उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने NESDA रिपोर्ट में मध्यप्रदेश के स्थान की चर्चा भी की। कहा कि, "पोर्टल पर विभिन्न विभागों की 1700 सेवाओं को एकीकृत किया गया है। इससे नागरिकों को बार-बार अलग-अलग पोर्टल पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। जवाबदही भी सुनिश्चित होती है।"
CM मोहन यादव ने गिनाई ‘MP ई-सेवा’ पोर्टल की उपलब्धियां, कहा “यह डिजिटल गवर्नेंस का सशक्त आधार”

CM Dr. Mohan Yadav

‘एमपी ई-सेवा पोर्टल और मोबाइल ऐप’ को लेकर सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने इसकी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा, कि इस प्लेटफॉर्म से माध्यम से प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस को सशक्त आधार मिला है।” यह दावा किया कि इससे नागरिक सेवाएँ अब अधिक सरल, सुगम और सुलभ हुई हैं। डिजिटल तकनीक आज सुशासन की आधारशिला बन चुकी है और प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि इस प्लेटफ़ॉर्म के कारण प्रदेशवासियों को विभिन्न विभागों की सेवाओं के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि एक ही मंच पर सभी सुविधाएँ सहज, फास्ट और पारदर्शी रूप में उपलब्ध कराई जा रही हैं।” सीएम ने कहा, “इस पहल से सेवा वितरण प्रणाली अधिक जवाबदेह और सुव्यवस्थित बन रही है। साथ ही नागरिकों के समय एवं संसाधनों की बचत भी  सुनिश्चित होती है”

2026 तक 100% ई-सेवा डिलीवरी का टारगेट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि, “यह एकीकृत नागरिक सेवा मंच 56 विभागों की 1700 से अधिक सरकारी सेवाओं और योजनाओं को एक ही डिजिटल विंडो पर उपलब्ध करा रहा है। वर्ष 2026 तक 100 प्रतिशत ई-सेवा डिलीवरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जो प्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” आगे मुख्यमंत्री बोले, “विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) के सेंटर फॉर एक्सीलेंस द्वारा विकसित यह प्लेटफॉर्म नागरिकों, विभागों और सेवाओं को एकीकृत डिजिटल इको-सिस्टम में जोड़ते हुए सुशासन को और अधिक प्रभावी तथा परिणामोन्मुख बनाने में मददगार साबित हो सकता हो।

एकीकृत पोर्टल पर सभी सेवाएँ, आसान हुआ प्रोसेस 

एमपी ई-सेवा पोर्टल पर विभिन्न विभागों की 1700 सेवाओं को एकीकृत किया गया है। इससे नागरिकों को बार-बार अलग-अलग पोर्टल पर जाने और दस्तावेज़ जमा करने की जरूरत भी खत्म हो गई है। नागरिक अब eseva.mp.gov.in और मोबाइल ऐप के माध्यम से पात्रता जांच, आवेदन, स्टेटस ट्रैकिंग और अनुमोदन जैसी सभी सुविधाएँ एक ही मंच पर प्राप्त कर सकते हैं। इस पोर्टल पर आधार आधारित प्रमाणीकरण, ई-साइन और डिजिटल प्रमाणपत्र की व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और फेसलेस बनाई गई है। इससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों में वृद्धि देखने को मिली है।

समग्र पोर्टल से एकीकरण, ऑटो-वेरिफिकेशन की सुविधा

‘एमपी ई-सेवा’ को समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के समग्र पोर्टल से जोड़ा गया है। प्रत्येक परिवार को 8 अंकीय परिवार आईडी और हर सदस्य को 9 अंकीय सदस्य आईडी मिलती है। इससे ऑटो-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को सक्षम बनाया गया है। इससे पात्रता निर्धारण अपने-आप हो जाता है। इससे प्रोसेस में देरी भी नहीं होती है। न ही बार-बार दोहराव की जरूरत पड़ती है। ‘ऑटो-फेचिंग डॉक्युमेंट्स’ इसके खास फीचर्स में से एक है। इसके माध्यम से नागरिकों को बार-बार दस्तावेज़ अपलोड करने की जरूरत भी नहीं पड़ती है। एक बार अपलोड किए गए दस्तावेज आगे की सेवाओं में ऑटोमैटिक की उपलब्ध हो जाते हैं।

नागरिक केंद्रित ‘ऐप-डिज़ाइन’, सुरक्षा भी सुनिश्चित 

एमपी ई-सेवा पोर्टल को मोबाइल-फर्स्ट दृष्टिकोण के साथ डिजाइन किया गया है। इसमें बहुभाषीय सुविधा भी मिलती है। यूजर्स किसी भी भाषा में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। दिव्यांगजनों की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के नागरिक आसानी से इसका इस्तेमाल भी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्लेटफ़ॉर्म पर अब तक 2 लाख 14 हजार से अधिक ट्रांसेक्शन दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 3 हजार 446 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 1 लाख 64 हजार 600 से अधिक ट्रैक/डाउनलोड गतिविधियाँ हुई हैं। वहीं 45 हजार 954 समग्र पात्रता चेक की गई हैं।

डिजिटल गवर्नेंस में मध्यप्रदेश आगे

सीएम मोहन यादव ने बताया कि राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा वितरण आकलन (NESDA) 2025 रिपोर्ट में मध्यप्रदेश ने देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया। राज्य ने 1752 ई-सेवाओं को मैप किया है, 56 अनिवार्य विभागीय सेवाओं को 100 प्रतिशत एकीकृत किया है। प्रदेश को ‘सायबर तहसील’ के लिए प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार और ‘संपदा 2.0’ के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार भी मिल चुका है। जो डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों को दर्शाते हैं।

Manisha Kumari Pandey
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