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मध्य प्रदेश में बिना परमिट दौड़ रही बसों पर बड़ा एक्शन, 16 फरवरी से शुरू होगा प्रदेशव्यापी जांच अभियान

Written by:Bhawna Choubey
Published:
मध्य प्रदेश में बिना परमिट और नियम तोड़कर चल रही बसों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। 16 फरवरी से शुरू होने वाला विशेष जांच अभियान यात्रियों की सुरक्षा, सड़क हादसों में कमी और बस संचालन में पारदर्शिता लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
मध्य प्रदेश में बिना परमिट दौड़ रही बसों पर बड़ा एक्शन, 16 फरवरी से शुरू होगा प्रदेशव्यापी जांच अभियान

प्रदेश की सड़कों पर रोजाना हजारों लोग बसों से सफर करते हैं। लेकिन अक्सर देखा गया है कि कई बसें बिना परमिट, गलत रूट या नियमों को दरकिनार कर चलाई जा रही हैं, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ जाती है। अब सरकार ने इस लापरवाही पर लगाम कसने का फैसला लिया है।

मध्य प्रदेश में 16 फरवरी से बिना परमिट और नियमों का उल्लंघन कर चलने वाली बसों के खिलाफ बड़ा जांच अभियान शुरू होने जा रहा है। इस फैसले के बाद बस संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि यात्रियों को उम्मीद है कि इससे सफर सुरक्षित और व्यवस्थित होगा।

नए परिवहन आयुक्त के पदभार के बाद बदली कार्रवाई की दिशा

हाल ही में परिवहन विभाग की कमान संभालने वाले नए परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के पदभार ग्रहण करते ही विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। अधिकारियों का कहना है कि लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कदम उठाना जरूरी हो गया था।

मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने प्रदेशभर से बस संचालन का डेटा इकट्ठा कर विश्लेषण शुरू किया, जिसमें सामने आया कि बड़ी संख्या में बसें निर्धारित नियमों और परमिट शर्तों का पालन नहीं कर रहीं। इसी के बाद पूरे प्रदेश में विशेष जांच अभियान चलाने का फैसला लिया गया।

बड़े शहरों में बढ़ रही थीं परमिट उल्लंघन की शिकायतें

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बड़े शहरों में परमिट उल्लंघन की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। खासकर इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों में कई बसें निर्धारित मार्ग छोड़कर अधिक सवारी के लिए अलग-अलग रास्तों से चल रही थीं।

इंदौर में रोजाना लगभग एक हजार बसें अलग-अलग रूटों पर चलती हैं। यहां पिछले वर्ष भी बसों की जांच का बड़ा अभियान चला था, जिसमें करीब 400 बसों पर कार्रवाई हुई थी। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन पूरी तरह बंद नहीं हो पाया।

जांच अभियान में क्या-क्या देखा जाएगा

आगामी विशेष जांच अभियान के दौरान अधिकारियों की टीम बसों के परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, रूट परमिट, टैक्स भुगतान, यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी खामियों की जांच करेगी।

जांच में कमियां मिलने पर बस को जब्त करने के साथ-साथ भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि लगातार कार्रवाई से बस संचालक अपनी कमियां दूर करने को मजबूर होते हैं, जिससे सड़क हादसों में कमी आती है।

स्लीपर और लंबी दूरी की बसें भी जांच के दायरे में

पिछले समय में कई हादसों के बाद स्लीपर बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे। इसलिए इस बार अभियान में लंबी दूरी की बसों को भी विशेष रूप से जांचा जाएगा।

बसों में फायर डिटेक्शन सिस्टम, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन दरवाजे और ड्राइवर केबिन में गलत तरीके से लगाए गए पार्टीशन की भी जांच होगी। कई बसों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पहले भी सामने आ चुकी है।

क्यों जरूरी हो गया यह सख्त कदम

परिवहन विभाग का कहना है कि कई बस ऑपरेटर ज्यादा कमाई के लिए नियमों को नजरअंदाज करते हैं। ओवरलोडिंग, गलत रूट, बिना परमिट संचालन और खराब तकनीकी हालत वाली बसें सड़क हादसों की बड़ी वजह बनती हैं।

ऐसी बसों के कारण यात्रियों की जान खतरे में पड़ती है। कई बार हादसों में बड़ी संख्या में लोगों की जान भी चली जाती है। इसलिए अब विभाग ने साफ कर दिया है कि नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

 

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