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एमपी में शिक्षा का बड़ा बदलाव! AI बनाएगा 9वीं-11वीं के पेपर, 23 फरवरी से परीक्षाएं

Written by:Bhawna Choubey
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मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 9वीं और 11वीं की परीक्षा अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किए गए पेपर से होंगी। जानिए कैसे ये बदलाव छात्रों के लिए आसान और परीक्षा को निष्पक्ष बनाएगा।
एमपी में शिक्षा का बड़ा बदलाव! AI बनाएगा 9वीं-11वीं के पेपर, 23 फरवरी से परीक्षाएं

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए इस साल एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 9वीं और 11वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं अब पुराने तरीके से नहीं होंगी। राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि 23 फरवरी 2025 से होने वाली इन परीक्षाओं के प्रश्नपत्र अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से तैयार किए जाएंगे। इसका मकसद परीक्षा को ज्यादा साफ-सुथरा, सुरक्षित और सभी छात्रों के लिए एक जैसा बनाना है।

इस नए सिस्टम में परीक्षा का पैटर्न भी बदला जाएगा। अब छात्रों को ज्यादा छोटे और आसान सवाल मिलेंगे, जबकि लंबे सवालों की संख्या कम होगी। इस बार प्रदेशभर से करीब 20 लाख छात्र 9वीं और 11वीं की परीक्षा में शामिल होंगे।

एमपी में AI आधारित परीक्षा का नया तरीका

मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग ने साफ कहा है कि इस बार परीक्षा की पूरी प्रक्रिया बहुत सुरक्षित रखी जाएगी। AI से तैयार किए गए प्रश्नपत्र पूरी तरह गोपनीय होंगे। हर विषय के लिए चार अलग-अलग सेट बनाए जाएंगे, जिन्हें A, B, C और D नाम दिया गया है। इसका मतलब यह है कि सभी छात्रों को एक जैसा पेपर नहीं मिलेगा, बल्कि अलग-अलग सेट दिए जाएंगे।

इन प्रश्नपत्रों को ठीक उसी तरह संभाला जाएगा जैसे 10वीं और 12वीं बोर्ड के पेपर संभाले जाते हैं। पेपर पहले थानों में रखे जाएंगे और फिर जिला शिक्षा अधिकारियों के जरिए स्कूलों तक पहुंचाए जाएंगे। इससे पेपर लीक होने की आशंका लगभग खत्म हो जाएगी और परीक्षा निष्पक्ष तरीके से हो सकेगी।

AI से बने प्रश्नपत्रों के फायदे

AI की मदद से प्रश्नपत्र बनाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि सभी छात्रों को बराबर स्तर के सवाल मिलेंगे। पहले कभी-कभी ऐसा होता था कि किसी स्कूल का पेपर आसान होता था तो किसी का मुश्किल, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। AI पूरे पाठ्यक्रम को ध्यान में रखकर सवाल तैयार करेगा, ताकि कोई भी अध्याय छूट न जाए। इसके अलावा पहले शिक्षकों को पेपर बनाने में काफी समय लग जाता था, लेकिन अब यह काम बहुत कम समय में हो जाएगा। मूल्यांकन भी माध्यमिक शिक्षा मंडल यानी माशिमं की अंक योजना के अनुसार होगा, ठीक बोर्ड परीक्षा की तरह। इससे छात्रों को सही और पारदर्शी तरीके से अंक मिल सकेंगे।

प्रश्नपत्र की बनावट और स्कूलों तक पहुंचाने की व्यवस्था

9वीं और 11वीं के सभी विषयों के चार-चार सेट बनाए जाएंगे। हर सेट में चार भाग होंगे, ताकि परीक्षा में सभी छात्रों को अलग-अलग पेपर मिल सकें। इन सेटों को रोटेशन के हिसाब से छात्रों में बांटा जाएगा। पेपर के बंडल परीक्षा वाले दिन ही केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी यह जिम्मेदारी संभालेंगे कि सभी स्कूलों में समय पर प्रश्नपत्र पहुंच जाएं। इस व्यवस्था से परीक्षा में समानता बनी रहेगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी।

छात्रों और शिक्षकों के लिए तैयारी के निर्देश

लोक शिक्षण संचालनालय यानी डीपीआई ने सभी स्कूलों को साफ निर्देश दिए हैं कि समय रहते पूरा पाठ्यक्रम पूरा किया जाए। जिन छात्रों को पढ़ाई में परेशानी होती है, उनके लिए विशेष कक्षाएं भी लगाई जाएंगी। शिक्षकों को कहा गया है कि वे छात्रों को नए परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयारी कराएं। समय सारिणी पहले ही जारी कर दी गई है, ताकि छात्र और शिक्षक दोनों अपनी पढ़ाई की योजना अच्छे से बना सकें। इससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।

डीएस कुशवाहा, अपर संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने बताया कि “राज्य स्तर पर बोर्ड पैटर्न के आधार पर प्रश्नपत्र तैयार किए जा रहे हैं। 10वीं और 12वीं कक्षा की तर्ज पर प्रश्नपत्र चार सेट में होंगे।”

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Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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