MP Board : विद्यार्थियों की बढ़ी समस्या, नहीं बढ़ेगी 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा फार्म भरने की तारीख

MP Board : विद्यार्थियों की बढ़ी समस्या, नहीं बढ़ेगी 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा फार्म भरने की तारीख

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना वायरस के चलते सभी लोग लगातार परेशान हो रहे है। जिसका सबसे गहरा असर स्कूली छात्र-छात्राओं पर हुआ है। जिसमें 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा (10th-12th Board exam) को लेकर कुछ समय पहले ही फार्म भरा जा रहा था, जिसकी तारीख अब समाप्त हो चुकी है। कई ऐसे छात्र है, जिन्होंने अभी तक बोर्ड परीक्षा का फार्म नहीं भरा है, जिसके कारण अब उनके सामने समस्या खड़ी हो गई है। 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा फार्म भरने की तारीख (board examination form filling last date) निकल जाने के कारण कई बच्चों के अभिभावकों द्वारा परीक्षा फार्म भरने की तारीख को बढ़ाए जाने की मांग की जा रही है।

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने मंडल के साथ की बैठक

निजी स्कूल में बोर्ड परीक्षा फार्म का शुल्क 900 रुपए प्रति छात्र था। 15 दिसंबर तक बोर्ड परीक्षा का फार्म भरा गया। आज यानी सोमवार को प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन (Private School Association) ने मंडल के खिलाफ आंदोलन करने की बात कही थी, लेकिन इससे पहले मंडल के अधिकारियों ने प्रतिनिधि मंडल के साथ बैठक कर इस संबंध में चर्चा की। इसके बावजूद परीक्षा फार्म भरने की तारीख को आगे नहीं बढ़ाया गया।

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नहीं बढ़ाया जाएगा परीक्षा फार्म भरने की तारीख

बैठक में मंडल अध्यक्ष (MP Board president) राधेश्याम जुलानिया ने बताया कि परीक्षा फार्म भरने के लिए मंडल द्वारा फिर से तारीख को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा, चाहे कुछ भी हो जाए। उन्होंने आगे कहा कि जिन छात्रों ने अभी तक फार्म नहीं भरा है, वो अब लेट फीस (Late fees) के साथ अपना फार्म भर सकते है। बैठक के दौरान उन्होंने प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन (Private School Association) को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि ये आप लोगों की गलती है कि आप तय समय सीमा पर स्टूडेंट्स से फार्म नहीं भरवा सकें। ऐसे में अब मंडल कुछ नहीं कर सकता है।

स्कूल शिक्षा मंत्री से मिला है आदेश

राधेश्याम जुलानिया ने कहा कि अभी भी ऐसे कई स्कूल है, जहां के छात्रों ने अब तक बोर्ड परीक्षा फार्म नहीं भरा है। अगर हर दिन कोई ना कोई तारीख बढ़ाने की बात करता है, तो ऐसा नहीं हो सकता है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल शिक्षा मंत्री ने ही 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा (10th-12th Board exam) के फार्म भरने की तारीख को आगे बढ़ाएं जाने से मना कर दिया है। ऐसे में हम कुछ नहीं कर सकते है।

वेबसाइट हो रहा था हैंग

वहीं बैठक में शामिल हुए एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि ‘हमारी मांग थी कि 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा फार्म भरने की तारीख को आगे बढ़ाया जाए, और अगर ऐसा नहीं करना था, तो हमें क्यों बुलाया गया है।’ बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत सिंह बताया कि कई बार परीक्षा फार्म भरने के दौरान वेबसाइट हैंग हो जाता था, जिसके कारण प्रदेश में करीब 3 लाख स्टूडेंट परीक्षा फार्म नहीं भर पाए है। ऐसे में अब उन्हें लेट फीस देकर अपना फार्म भरना होगा।

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लाखों विद्यार्थी नहीं भर पाए परीक्षा फार्म

दरअसल, परीक्षा फार्म भरने के दौरान लगातार बार-बार सर्वर डाउन होने और वेबसाइट के हैंग हो जाने के चलते प्रदेश में करीब तीन लाख स्टूडेंट्स अपना परीक्षा फार्म नहीं भर पाए। ऐसे में अब इन विद्यार्थियों को 31 दिसंबर तक दो हजार रुपए लेट फीस के साथ अपना परीक्षा फार्म जमा करना होगा, अन्यथा इन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी।

विद्यार्थियों को देना होगा भारी भरकम लेट फीस

वहीं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अगर कोई भी छात्र 31 दिसंबर तक लेट फीस के साथ अपना फार्म जमा नहीं कर पाता है तो इसके बाद उन्हें पांच हजार रुपए विलंब शुल्क देना होगा। अगर इसके बाद भी कोई छात्र परीक्षा फार्म भरने से चूक जाता है, तो उसे परीक्षा शुरू होने से 1 महीने पहले 10 हजार रुपए लेट फीस देकर अपना परीक्षा फार्म जमा करना होगा।

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन करेगा उग्र आंदोलन

एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि मंडल ने परीक्षा फार्म भरने के लिए अपना एक पोर्टल लॉन्च किया था, जिसके कारण कई जिलों में परीक्षा फार्म भरने के दौरान काफी परेशानियां आई है। वहीं कई जिले ऐसे है, जहां अभी भी नेट की स्पीड सही नहीं है, जिसके कारण लगातार सर्वर डाउन होने के कारण भी मंडल का पोर्टल नहीं चल पा रहा था। इन्हीं सभी कारणों के चलते करीब तीन लाख स्टूडेंट्स अपना बोर्ड परीक्षा का फार्म भरने से चूक गए है। ऐसे में अगर मंडल द्वारा ये पोर्टल फिर से नहीं शुरू किया जाता है, तो प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

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