गौहत्या केस में उम्रकैद का फैसला सुनाने वाली महिला जज को मिली धमकियां, MP हाईकोर्ट ने DGP-ACS को दिए हलफनामा दाखिल करने के निर्देश

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सिवनी मालवा में पदस्थ एक महिला अधिकारी तबस्सुम खान को मिल रही धमकियों का संज्ञान लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों से हलफनामा दायर करने को कहा है।
MP High Court

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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जस्टिस विवेक अग्रवाल और अवनींद्र कुमार सिंह की डिवीजन बेंच को 2016 से लंबित न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए देखा गया। इस दौरान अदालत ने सिवनी मालवा में पदस्थ महिला न्यायिक अधिकारी को मिल रही धमकियों पर कड़ा रुख अपनाया।

दरअसल, साल 2022 के एक मामले में महाराष्ट्र की जज ने 14 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जिसके बाद उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। इसे लेकर अब कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब करते हुए गृह विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी और पुलिस महानिदेशक से हलफनामा मांगा है।

कोर्ट ने मांगा हलफनामा

दरअसल, महिला जज ने जबसे इस केस का फैसला सुनाया था तब से उनके खिलाफ सांप्रदायिक अभियान चलाया जा रहा है। लोग अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। दो लोगों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की गई है। इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हलफनामा दायर करने के निर्देश जारी करते हुए ये सवाल किया है कि जज की सुरक्षा के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को रखी गई है।

सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी ने अदालत को इस बारे में जानकारी दी है कि महिला जज के लिए 1-5 सशस्त्र सुरक्षा उपलब्ध करवाई गई है। वहीं सोशल मीडिया पर जो आपत्तिजनक पोस्ट और संदेश प्रसारित किए गए हैं। उन्हें हटाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

क्या है पूरा मामला

ये मामला अगस्त 2022 का है। जब महाराष्ट्र के अमरावती जा रहे एक ट्रक को सिवनी मालवा के बराखड़ गांव के पास रोक लिया गया था। इस ट्रक में 30 मवेशी थे। ग्रामीणों और गो रक्षकों की भीड़ ने ट्रक में सवार 3 लोगों को लाठी डंडों से पीटा था। इस हमले में एक नाजिर नाम के व्यक्ति की मौत हो गई थी। 12 जून को सिवनी मालवा के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 14 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद दोषियों को जेल ले जाते समय भी न्यायालय परिसर में हंगामा हुआ था। तभी से महिला जज को धमकियां मिलने का सिलसिला जारी है।

संदीप कुमार, जबलपुर

Diksha Bhanupriy
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