MP Tourism: साल में सिर्फ एक बार खुलता है ये शिव मंदिर, 800 फीट की ऊंचाई पर है स्थित

मध्य प्रदेश में कई सारे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल मौजूद है। आज हम आपको एक शिव मंदिर के बारे में बताते हैं। यह मंदिर साल में सिर्फ एक बार खुलता है।
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Madhya Pradesh named Best Wildlife Destination

MP Tourism: मध्य प्रदेश भारत का एक ऐसा राज्य है जो अपनी बेहतरीन संस्कृति, परंपरा और इतिहास के चलते देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में प्रसिद्ध है। मध्य प्रदेश में घूमने करने के लिए एक से बढ़कर एक स्थान मौजूद है जहां अक्सर पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। यहां पर धार्मिक से लेकर ऐतिहासिक और प्राकृतिक सभी तरह के स्थान मौजूद है।

मध्य प्रदेश में कई सारे धार्मिक स्थल ऐसे हैं, जिनके अपने चमत्कार और मान्यता है। आज हम आपको मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में किले की पहाड़ी पर मौजूद एक शिव मंदिर के बारे में बताते हैं। यह मंदिर 800 फीट की ऊंचाई पर मौजूद है और साल में एक बार खुलता है।

साल में एक बार खुलता है सोमेश्वर धाम

हम रायसेन किले की पहाड़ी पर मौजूद जिस मंदिर की बात कर रहे हैं, वह सोमेश्वर धाम शिव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यह मंदिर साल में एक बार महाशिवरात्रि पर 12 घंटे के लिए खुलता है। सुबह 5:00 से शाम 5:00 बजे तक प्रशासन की निगरानी में भक्त यहां दर्शन करते हैं।

मंदिर तक जाते हैं 3 रास्ते

सोमेश्वर धाम शिव मंदिर तक पहुंचाने के लिए तीन रास्ते हैं। इनमें से दो रास्ते ऐसे हैं जिसे ढाई सौ सीढ़ियां चढ़कर पहुंचना पड़ता है। यहां आठ प्राचीन दरवाजे भी पड़ते हैं। यह मंदिर 21 खंबो पर तहखाना के ऊपर बना हुआ है। इसका निर्माण 10वीं 11वीं शताब्दी के दौरान हुआ था।

यहां है दो शिवलिंग

यह मंदिर आज भी अपने पुराने स्वरूप में मौजूद है और यहां गर्भगृह में दो प्राचीन शिवलिंग मौजूद है। यहां 11 फीट की ऊंचाई पर 32 सेंटीमीटर लंबा और 30 सेंटीमीटर चौड़ा एक शिलालेख भी स्थापित है। इसमें देवनागरी संस्कृत भाषा में 11 पंक्तियों का अभिलेख लिखा हुआ है। हालांकि, वक्त के साथ यह धुंधला हो गया है और इस पर क्या लिखा है यह समझ पाना मुश्किल है। इस मंदिर का निर्माण परमार कालीन राजा उदयादित्य ने किया था।

पड़ती है भक्तों की भीड़

यह मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र है और साल में एक बार शिवरात्रि पर यहां के पट खोले जाते हैं। हालांकि दर्शन करने वाले भक्त साल भर यहां पर आते हैं। मंदिर में ताले लगे हुए गेट के बाहर से ही भक्त दर्शन करते हैं और कलावा बांधकर मन्नत मांगते हैं। भक्तों के बीच मंदिर को लेकर गहरी आस्था है।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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