MP Weather : अगस्त से फिर बदलेगा मौसम, आज 30 जिलों में गरज चमक के साथ भारी बारिश-मेघगर्जन और बिजली का अलर्ट, मौसम विभाग की चेतावनी

अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से बंगाल की खाड़ी के अलावा अरब सागर से लगातार नमी आ रही है, इसके असर से प्रदेश के अधिकतर जिलों में अच्छी वर्षा हो रही है।इधर, 31 जुलाई 1 अगस्त के बीच एक नया स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने के संकेत है, इससे बारिश का अगला दौर शुरू हो सकता है।
IMD Weather Update

MP Weather Alert :नए वेदर सिस्टम के बनने से मध्य प्रदेश के मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। 29-30 जुलाई को भारी बारिश का दौर धीमा रहेगा, लेकिन 31 जुलाई से फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम की एक्टिव होने से से बारिश की गतिविधियां में तेजी आने का अनुमान है। मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण आज सोमवार को 30 जिलों में आसमान में बादल छाए रहेंगे, गरज-चमक के साथ तेज से मध्यम बारिश हो सकती है। दिन और रात का तापमान क्रमश: 27 और 24 डिग्री रहेगा।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

  • एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, नर्मदापुरम, देवास और मंदसौर जिलों में अत्यधिक भारी बारिश तो बैतूल, खरगोन, बड़वानी, रतलाम, छिंदवाड़ा, बालाघाट, विदिशा, रायसेन, सीहोर, सागर और पांढुर्ना जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। रतलाम, बड़वानी में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना है।
  • झाबुआ, अलीराजपुर, उज्जैन, खरगोन में मध्यम बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना है। नीमच, मंदसौर, आगर, धार, खंडवा, हरदा, बालाघाट, सागर, विदिशा, रायसेन में सुबह के समय हल्की बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना है।

2 दिन बाद फिर एक्टिव होगा नया सिस्टम

एमपी मौसम विभाग के अनुसार 31 जुलाई या 1 अगस्त तक फिर स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने जा रहा है, ऐसे में फिर झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा। 31 जुलाई को प्रदेश के 27 जिलों बैतूल, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, पन्ना, नरसिंहपुर, कटनी, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, राजगढ़, भोपाल, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा व पांढुर्णा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

एक साथ कई मौसम प्रणालियं सक्रिय

  • उत्तरी छत्तीसगढ़ और उसके आसपास के इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। मानसून की द्रोणिका समुद्र तल से अब बीकानेर, कोटा, गुना, सागर, पेंड्रा रोड, बालासोर से होकर दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी के पूर्वी मध्य भाग तक जाती है। समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर तक फैली हुई है। विपरीत हवाओं के सम्मिलन का क्षेत्र (शियर जोन) समुद्र तल से 3.1 और 7.6 किमी ऊपर महाराष्ट्र में दक्षिण की ओर झुका हुआ है।
  • इसके अलावा दक्षिण गुजरात से उत्तरी केरल तट तक समुद्र तल से अपतटीय द्रोणिका भी बनी हुई है। अलग-अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के असर से बंगाल की खाड़ी अरब सागर से नमी आ रही है, जिससे अच्छी वर्षा हो रही है। 31 जुलाई से प्रदेश में फिर एक स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होगा जिससे बारिश का अगला दौर शुरू होगा।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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