सीटी स्कैन मशीनों को लेकर ग्वालियर चंबल संभाग में श्रेय की राजनीति

डिप्टी सीएम

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। जब से ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) भारतीय जनता पार्टी (BJP) में आए हैं तब से पूरे ग्वालियर चंबल संभाग में विकास कार्यों का श्रेय लेने की होड़ भाजपा (BJP) के अंदर ही  मच गई है। इस बार ये होड़ सिंधिया खेमे एवं अन्य भाजपाइयों के बीच यह होड़ सरकार द्वारा स्वीकृत की गई सीटी स्कैन मशीन के बाद भी देखने को मिली।

दर असल मध्यप्रदेश सरकार ने ग्वालियर चम्बल संभाग के पांच जिलों ग्वालियर, अशोकनगर, श्योपुर, गुना और भिंड ननई सीटी स्कैन मशीनें स्वीकृत की वैसे ही इस पर श्रेय लेने की राजनीति शुरू हो गई। सिंधिया समर्थकों ने इसका श्रेय राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को देना शुरू कर दिया, खुद एक पोस्ट ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के नाम से चल रही फेसबुक के द्वारा भी आई जिसमे खुद के द्वारा मुख्यमंत्री से इस मशीन की मांग की गई थी। अशोकनगर में तो सिंधिया समर्थक मंत्री ब्रजेन्द्र सिंह यादव (Brajendra Singh Yadav) एवं विधायक जजपाल सिंह जज्जी (Jajpal Singh Jajji) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सीटी स्कैन मशीन के लिये सिंधिया का प्रयास बताया।

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जबकि भाजपा का दूसरा खेमा इस बात से इत्तेफाक नहीं रखता दिख रहा। केंद्रीय मंत्री एवं मुरैना सांसद नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने ग्वालियर चम्बल संभाग के जिलों के लिये मिली इन मशीनों के लिये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया।

इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराने बाले भाजपा सांसद डॉ केपी यादव (KP Yadav) के समर्थकों ने अशोकनगर को मिली मशीन के लिये सांसद यादव (KP Yadav)  के प्रयासों का नतीजा बताया। बाकायदा इसके लिये 17 अप्रैल को सांसद द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे इस उस पत्र को भी जारी किया गया जिसमें इस मशीन की मांग की गई थी। अशोकनगर जनसंपर्क कार्यलय से जारी हुये समाचार में भी सांसद केपी यादव के प्रयासों का हवाला दिया गया है।

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बहरहाल राज्यशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सीटी स्कैन मशीनों का लाभ ग्वालियर चम्बल संभाग की जनता को मिलेगा ही।  अब देखना ये होगा कि श्रेय की राजनीति में लगे तीनों सांसदों को इसका कितना लाभ मिलता है क्योंकि जनता बहुत समझदार होती है, उसे सब दिखाई और सुनाई देता है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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