महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) समेत 29 नगर निगमों के लिए हुई मतगणना के शुरुआती रुझानों में ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना (शिंदे गुट) के ‘महायुति’ गठबंधन ने बड़ी बढ़त बना ली थी। शाम तक के आंकड़ों के अनुसार, BMC की कुल 227 सीटों में से 118 पर महायुति आगे चल रही है, जो बहुमत का स्पष्ट संकेत है। वहीं, विपक्षी गठबंधन 67 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
इस शानदार प्रदर्शन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गठबंधन को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA की विकासनीति में जनता के भरोसे को दर्शाती है।
अमित शाह ने दी बधाई, फडणवीस ने बताया जनता का आशीर्वाद
चुनावों में महायुति की जीत पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह ऐतिहासिक सफलता प्रदेश में महायुति सरकार द्वारा किए गए विकास और जनकल्याण के कार्यों पर जनता की मुहर है।
“यह जीत दर्शाती है कि देश के हर कोने की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA की विकासनीति पर भरोसा रखती है।” — अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे जनता का आशीर्वाद और विकास की राजनीति की जीत बताया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम को फोन कर बधाई दी। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी इसे पीएम मोदी के नेतृत्व में मिल रहे लगातार जनसमर्थन का प्रतीक बताया।
मुंबई और लातूर में क्या रहे नतीजे?
मुंबई महानगरपालिका में भी महायुति का प्रदर्शन दमदार रहा। भाजपा उम्मीदवार तेजस्वी घोसालकर ने शिवसेना (UBT) के प्रत्याशी को 10,000 से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हराया। वहीं, शिवसेना की रेखा यादव ने भी कांग्रेस उम्मीदवार को हराकर जीत दर्ज की।
हालांकि, लातूर नगर निगम में कांग्रेस ने शानदार वापसी की है। यहां कुल 70 सीटों में से कांग्रेस ने 43 पर कब्जा जमाया, जबकि भाजपा 22 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
65 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदान से पहले ही 10 नगर निगमों में कुल 65 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए थे। इसमें सबसे ज्यादा 43 उम्मीदवार भाजपा के थे। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के 18, NCP के 2 और एक-एक निर्दलीय व अन्य दल के उम्मीदवार बिना चुनाव लड़े ही जीत गए।
प्रमुख शहरों में निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों में कालन-डोंबिवली में 22 (16 भाजपा, 6 शिवसेना), जलगांव में 12 (6 भाजपा, 6 शिवसेना) और पनवेल में 7 (6 भाजपा, 1 स्वतंत्र) शामिल हैं।





