महाराष्ट्र में एक विवादास्पद बयान ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने जब छत्रपति शिवाजी महाराज के संघर्ष की तुलना टीपू सुल्तान से की तो विरोध की आग पूरे राज्य में फैल गई।
भारतीय जनता पार्टी ने इस बयान को हिंदू भावनाओं के खिलाफ बताते हुए लातूर में तीखा प्रदर्शन किया। सड़कों पर उतरे भाजपा कार्यकर्ताओं ने सपकाल के खिलाफ नारेबाजी की और उनकी प्रतिमा पर जूते-चप्पल मारकर आक्रोश व्यक्त किया।
जालना में विधायक नारायण कुचे का हमला
जालना में भाजपा विधायक नारायण कुचे अपने पदाधिकारियों के साथ बेहद आक्रामक मुद्रा में नजर आए। उन्होंने हर्षवर्धन सपकाल पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि टीपू सुल्तान एक दुष्ट व्यक्ति था जिसने जातिगत संघर्ष को बढ़ावा दिया।
नारायण कुचे ने कांग्रेस नेता से तत्काल सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है। साथ ही उन्होंने सपकाल से प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का भी आह्वान किया है।
पनवेल में प्रशांत ठाकुर के नेतृत्व में विरोध
पनवेल के शिवाजी चौक पर प्रशांत ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं और नागरिकों की बड़ी संख्या एकत्रित हुई। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाकर सपकाल के बयान की कड़ी निंदा की।
इस विरोध प्रदर्शन में महिलाओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और चप्पलों से सपकाल के पुतले पर प्रहार किया। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी कि छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस विवाद के बाद पूरे महाराष्ट्र में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने हर्षवर्धन सपकाल की प्रतिमा पर जूते-चप्पल मारकर अपना विरोध जताया और उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
लातूर समेत कई शहरों में भाजपा के जोरदार प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि यह मामला अभी और गरमाने वाला है। विपक्ष ने छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े किसी भी तरह के विवादास्पद बयान को स्वीकार न करने का संकेत दिया है।





