पडलकर के बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में बवाल, शरद पवार ने की सीएम से बात

महाराष्ट्र की राजनीति में भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर के बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जयंत पाटिल को लेकर टिप्पणी की, जिसके बाद राज्यभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए।
Devendra Fadnavis

महाराष्ट्र की राजनीति में भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर के बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जयंत पाटिल को लेकर टिप्पणी की, जिसके बाद राज्यभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। पाटिल पश्चिमी महाराष्ट्र के प्रभावशाली सहकारिता नेता रहे स्व. राजाराम पाटिल के पुत्र हैं और लंबे समय तक राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभा चुके हैं। पडलकर की इस टिप्पणी पर राकांपा (सपा) कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह गुस्सा जाहिर किया और भाजपा को कटघरे में खड़ा किया।

विवाद बढ़ने पर एनसीपी (सपा) प्रमुख शरद पवार ने खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बातचीत की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पडलकर को फोन करके संयम बरतने और बयानबाजी से बचने की सख्त हिदायत दी। पडलकर ने पत्रकारों से कहा कि वह मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करेंगे और आगे से ऐसे बयान नहीं देंगे। हालांकि, इस दौरान उन्होंने शरद पवार पर भी पलटवार किया और आरोप लगाया कि पवार ने पहले भी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां पर टिप्पणी की थी और यहां तक कि मोदी की मां का एआई वीडियो भी बनाया गया था।

पडलकर के बयान से महाराष्ट्र में बवाल

इधर, पडलकर के बयान की निंदा करते हुए राकांपा (सपा) ने सांगली जिले के ईश्वरपुर (पूर्व में इस्लामपुर) और ठाणे में जोरदार प्रदर्शन किया। पाटिल के निर्वाचन क्षेत्र में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और भाजपा विधायक का पुतला जलाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महाराष्ट्र की राजनीति में इस तरह की भाषा और आरोप-प्रत्यारोप अस्वीकार्य हैं।

ठाणे में प्रदर्शन का नेतृत्व विधायक जितेंद्र आव्हाड ने किया। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सिर्फ जयंत पाटिल का मामला नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति पर सीधा प्रहार है। आव्हाड ने भाजपा से पडलकर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर पार्टी ने ऐसा नहीं किया, तो उसे इस तरह की “गंदी राजनीति” को बढ़ावा देने वाली पार्टी माना जाएगा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सार्वजनिक रूप से कहा कि वह पडलकर की टिप्पणियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने माना कि पडलकर युवा और आक्रामक हैं, लेकिन उन्हें यह समझना होगा कि उनके शब्दों के क्या नतीजे निकल सकते हैं। मुख्यमंत्री ने शरद पवार को आश्वासन दिया कि भाजपा इस मामले में जिम्मेदार रुख अपनाएगी। इस विवाद ने एक बार फिर राज्य की राजनीति में संवाद की गुणवत्ता और नेताओं के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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