महाराष्ट्र कांग्रेस विधानमंडल के नेता विजय वडेट्टीवार ने स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव को लेकर पार्टी के रुख पर स्पष्ट बयान दिया है। खडकवासला के गोऱ्हे बुद्रुक में मंगलवार को आयोजित कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों की दो दिवसीय कार्यशाला के समापन सत्र में उन्होंने प्रदेश प्रभारी रमेश चेन्निथला से मांग की कि इन चुनावों में कांग्रेस को अपने दम पर लड़ने की अनुमति दी जाए। वडेट्टीवार ने कहा, “देश के लिए इंडिया गठबंधन बना, महाराष्ट्र के लिए महाविकास आघाड़ी बनी, लेकिन स्थानीय निकाय चुनावों में परिस्थिति देखकर निर्णय लेना चाहिए। पिछली मुंबई चुनाव में हमने अकेले 37 सीटें जीती थीं, अब हमें अपने बल पर लड़ने दें।”
चुनाव से पहले वडेट्टीवार का बड़ा बयान
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि कठिन समय आता-जाता रहता है, लेकिन पार्टी को मजबूत बनाने के लिए आत्मनिर्भर होना जरूरी है। उन्होंने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के संभावित गठबंधन की चर्चाओं पर कहा, “ये दोनों भाई पहले आपस में एक हों, फिर आगे की राजनीति देखी जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि नेता नहीं, बल्कि कार्यकर्ता ही पार्टी को बचा सकता है, और प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ इसका उदाहरण हैं।
प्रदेश प्रभारी रमेश चेन्निथला ने इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से जो सवाल पूछे, उनका जवाब आयोग को देना चाहिए, लेकिन इसकी बजाय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस प्रतिक्रिया दे रहे हैं। “क्या फडणवीस राज्य के मुख्यमंत्री हैं या चुनाव आयुक्त?” — चेन्निथला ने यह सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मोदी-शाह के कार्यकाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हैं। उन्होंने लोकसभा और विधानसभा के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार जनता द्वारा नहीं, बल्कि चुनाव आयोग द्वारा “चुनकर दी” गई है।
हरियाणा में भी इसी तरह की स्थिति पैदा हुई और बिहार में इसके दोहराव की संभावना है, चेन्निथला ने कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस उन कार्यकर्ताओं का हमेशा समर्थन करेगी जिन्होंने कठिन समय में पार्टी का साथ दिया, लेकिन जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, उन्हें कभी वापस नहीं लिया जाएगा। उन्होंने केंद्र पर लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया।





