NEET-CBSE गड़बड़ी पर आदित्य ठाकरे ने केंद्र को घेरा, कहा – ‘दोषियों को दंडित किए बिना विकसित भारत का वादा पूरी तरह से निरर्थक’

NEET और CBSE परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार पर तीखा वार किया है, दरअसल उन्होंने इस्तीफे की मांग की है।
NEET-CBSE गड़बड़ी पर आदित्य ठाकरे ने केंद्र को घेरा, कहा - 'दोषियों को दंडित किए बिना विकसित भारत का वादा पूरी तरह से निरर्थक'

देशभर में NEET और CBSE परीक्षाओं में सामने आई गंभीर गड़बड़ियों को लेकर राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं इसी कड़ी में, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय पर करारा हमला बोला है। दरअसल उन्होंने इन अनियमितताओं को लेकर सीधे तौर पर सरकार की अक्षमता और शिक्षा व्यवस्था की विफलता को जिम्मेदार ठहराया है।

दरअसल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने एक पोस्ट में आदित्य ठाकरे ने स्पष्ट रूप से कहा कि इन परीक्षाओं में हुई व्यापक गड़बड़ी केवल बोर्ड और मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) की अक्षमता को ही उजागर नहीं करती, बल्कि यह भारत के प्रतिभावान और मेहनती युवाओं की वैश्विक प्रतिष्ठा, देश की शिक्षा प्रणाली में उनके भरोसे और भविष्य में उनके रोजगार की संभावनाओं को भी गंभीर रूप से क्षति पहुँचाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह एक ऐसा मुद्दा है जो लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।

जानिए आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?

वहीं आदित्य ठाकरे ने दो टूक शब्दों में अपनी मांग रखी है। उन्होंने कहा कि लाखों प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को तब तक न्याय नहीं मिल सकता, जब तक शिक्षा मंत्री, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के सदस्यों को उनके पदों से हटाया नहीं जाता। ठाकरे ने यह भी साफ किया कि जिन लोगों ने NEET परीक्षा का पेपर लीक किया है और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रक्रिया में गड़बड़ी की है या उसे ठीक से लागू नहीं किया है, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना इन दोषियों को दंडित किए और शिक्षा प्रणाली में सुधार किए, 2047 के ‘विकसित भारत’ का वादा करना पूरी तरह से निरर्थक है।

बेहतर परिणामों की उम्मीद करना केवल एक भ्रम: आदित्य ठाकरे

ठाकरे ने आगे लिखा कि अपनी गलतियों को स्वीकार किए बिना और शिक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधार किए बिना भविष्य में बेहतर परिणामों की उम्मीद करना केवल एक भ्रम है। उन्होंने मौजूदा स्थिति को शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा संकट बताया, जो देश के भविष्य की नींव को कमजोर कर रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब NEET-UG 2024 परीक्षा में पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया है और अब दोबारा आयोजित किया जा रहा है, जिससे लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी अनिश्चितता और तनाव है।

इसके साथ ही, CBSE कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं की ऑन-स्क्रीन मार्किंग में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों में आंसर शीट का मिसमैच होना, स्कैन की गई छवियों का धुंधला होना और छात्रों को गलत अंक दिए जाने जैसी गंभीर त्रुटियां शामिल हैं। हजारों की संख्या में छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की मांग की है, जो इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाती है और इसकी पारदर्शिता पर संदेह पैदा करती है।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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