सेलेब्रिटी द्वारा किये जाने विज्ञापनों को लेकर कई बार विवाद उठा है, विज्ञापन कराने वाली कंपनियां अपने प्रोडक्ट की पहुंच बढ़ाने के लिए फ़िल्म कलाकारों सहित अन्य जानी पहचानी हस्तियों को मॉडल के रूप में पेश कर लोगों को प्रभावित करने का प्रयास करती हैं लेकिन महाराष्ट्र में इसे लेकर मामला गरमा गया है, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बॉलीवुड के बड़े सितारों पर इसे लेकर कानूनी शिकंजा कसा है। उधर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी फिल्म सेलिब्रिटी से हानिकारक पदार्थों का विज्ञापन नहीं करने की अपील की है।
‘विमल इलायची’ के विज्ञापन पर शाहरुख खान, अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ को मिले हैं नोटिस
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे इस मुद्दे पर बहुत मुखर हैं, उनका स्पष्ट मानना है कि उकि सेलिब्रिटी होने का मतलब यह नहीं है कि किसी को भी कानून से छूट मिलेगी। बता दें अगस्त 2026 में महाराष्ट्र FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया था। FDA का आरोप है कि ‘इलायची’ के नाम पर असल में विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार (Surrogate Advertising) किया जा रहा है। चूंकि महाराष्ट्र में गुटखा, पान मसाला और तंबाकू-निकोटीन युक्त उत्पादों पर 2012 से पूरी तरह प्रतिबंध है, इसलिए इस तरह का विज्ञापन कानून का उल्लंघन है।
राष्ट्रपति की अपील, स्वास्थ्य के लिए हानिकारण पदार्थों के विज्ञापन नहीं करने फिल्म सिलिब्रिटी
अब पिछले दिनों 22 सितम्बर को नई दिल्ली में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस मुद्दे को उठाया उन्होंने मंच से कहा लोकप्रिय फिल्म कलाकारों में देशवासियों को, विशेषकर युवाओं को प्रभावित करने की असीम क्षमता होती है जो सफल फिल्म कलाकर अनुशासित लाइफ स्टाइल के बारे में बताते हैं तो करोड़ों बच्चे और युवा उनकाअनुकरण करते हैं मैं अनुरोध करना चाहूंगी कि लोकप्रिय फिल्म कलाकार स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों का विज्ञापन ना करें, उन्होंने कहा स्टार वही है जो रौशनी फैलाये अँधेरा नहीं।
FDA कमिश्नर मुंडे ने कहा- Influence is not immunity, Influence is a responsibility
राष्ट्रपति के बयान पर महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने इस मुद्दे को उठाने के लिए उनका आभार जताया है, मुंडे ने कहा “Influence is not immunity, Influence is a responsibility “, कलाकारों को यह तय करना चाहिए कि वे Influence को immunity की तरह यूज कर रहे हैं या फिर Influence को responsibility की तरह ले रहे हैं । उन्होंने कहा किसी भी सेलिब्रिटी को देश के बाकी सभी लोगों की तरह कानून का सम्मान करना चाहिए और उन उत्पादों, व्यवहारों और आदतों का प्रचार करते समय अपनी ज़िम्मेदारी समझनी चाहिए जो लोगों की पसंद को प्रभावित करते हैं।
सिद्धांत सीधा-सा है कोई भी कानून से ऊपर नहीं है: तुकाराम मुंडे
मुंडे ने लिखा जब प्रभाव का इस्तेमाल खाने-पीने की चीज़ों के प्रचार के लिए किया जाता है, तो जन-स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। महाराष्ट्र में हमने पहले ही उन कलाकारों को नोटिस जारी किए हैं जिनके प्रचार से जनहित से जुड़े मुद्दे उठते हैं। कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और प्रभाव का इस्तेमाल कभी भी ऐसी चीज़ों को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए जो जन-स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा सकती हैं। सिद्धांत सीधा-सा है कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, और जन-स्वास्थ्य से ज़्यादा ज़रूरी कोई व्यावसायिक हित नहीं हो सकता।
Influence is not immunity.
Artists, like everyone else, must respect the law and recognise the responsibility that comes with endorsing products, behaviours and habits that shape public choices.
When influence is used to endorse food products, public health cannot be an…
— Tukaram Mundhe (@Tukaram_IndIAS) September 23, 2026
VIDEO | Reacting to President Droupadi Murmu's request to celebrities not to endorse products harmful to health, Maharashtra FDA Commissioner Tukaram Mundhe says, "I am very grateful to the Hon'ble President for raising this issue. So-called celebrities who endorse products have… pic.twitter.com/6xyoALWgTV
— Press Trust of India (@PTI_News) September 23, 2026






