“हमारे सभी आठ सांसद एकजुट थे, एकजुट हैं, एकजुट रहेंगे..” NCP (SP) में टूट की अटकलों को शरद पवार और सुप्रिया सुले ने किया खारिज

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार और कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने अपनी पार्टी में किसी भी फूट और सांसदों के दल-बदल की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
NCP(SP)

महाराष्ट्र की राजनीति में दल-बदल की अटकलों के बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार और पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने अपनी पार्टी में किसी भी तरह की फूट की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने गुरुवार को पुणे में दृढ़ता के साथ यह स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का कोई भी सांसद विरोधी गुट में शामिल होने नहीं जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी के सभी सदस्य एकजुट हैं और भविष्य में भी एक साथ काम करते रहेंगे।

यह बयान एनसीपी विधायक धर्मराव अत्राम के उस दावे के बाद सामने आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि शरद पवार गुट के आठ में से पांच सांसद दिसंबर महीने तक पाला बदल सकते हैं। अत्राम ने यह दावा किया था कि ये सांसद महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में शामिल होने के लिए पूरी तरह से तैयार बैठे हैं। इस दावे ने महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी थी और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के भविष्य को लेकर कयास लगाए जा रहे थे।

दलबदल की अटकलों पर शरद पवार ने लगाया विराम

विपक्षी खेमे के इन दावों पर विराम लगाते हुए, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने मीडिया से खुलकर बात की। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि उनकी पार्टी का एक भी सांसद या विधायक पाला नहीं बदलेगा। पवार के इस सीधे और दृढ़ बयान ने न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं में एक नया जोश भर दिया है, बल्कि विरोधी खेमे की बयानबाजी को सीधे तौर पर चुनौती भी दी है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी एकजुट है और किसी भी प्रकार की फूट की आशंका निराधार है, जिससे पार्टी की आंतरिक स्थिरता को लेकर उठ रहे सवालों पर विराम लग सके।

हमारे सभी आठ सांसद एकजुट हैं: सुप्रिया सुले ने किया स्पष्ट दावा

बारामती से लोकसभा सांसद और पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भी इस मामले पर तंज कसते हुए धर्मराव अत्राम के दावों की हवा निकाल दी। सुले ने कहा, ‘शायद अत्राम को हमसे ज्यादा जानकारी होगी, मुझे इस बारे में कोई अंदाजा नहीं है।’ उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि ‘हमारे सभी आठ सांसद कल भी एकजुट थे, आज भी एकजुट हैं और आने वाले कल में भी एकजुट रहेंगे।’ सुप्रिया सुले यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर बाबा अत्राम के पास पांच सांसदों की सूची है, तो उन्हें उन नामों का खुलासा जनता के सामने करना चाहिए। उन्होंने चुटकी लेते हुए यह भी कहा, ‘अगर उनके पास पांच सांसदों की लिस्ट है, तो वह मुझे क्यों नहीं तोड़ रहे? मुझे क्यों बख्श रहे हैं?’ उनके इस बयान ने अत्राम के दावों पर सवाल खड़ा कर दिया।

धर्मराव अत्राम का यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में पहले से ही दलबदल को लेकर सरगर्मी तेज है। हाल के दिनों में, शरद पवार गुट की सहयोगी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के पाला बदलने की खबरें भी आई थीं। इन सांसदों ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली मूल शिवसेना में शामिल होने का निर्णय लिया था। इसी पृष्ठभूमि और राजनीतिक हलचल के कारण राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के सांसदों को लेकर भी कयासबाजी शुरू हो गई थी, जिसे शरद पवार और सुप्रिया सुले ने पूरी तरह निराधार बताया है। दोनों नेताओं ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि उनकी पार्टी में किसी भी प्रकार की टूट नहीं होगी और सभी सदस्य एकजुट होकर काम करते रहेंगे। पवार और सुले के इन बयानों के बाद, महाराष्ट्र की राजनीतिक गलियारों में चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है, और पार्टी ने अपनी एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया है।

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