अवैध रूप से संचालित टायर फैक्ट्री में ब्लास्ट, मजदूरी कर रहे पुत्र की मौत, पिता घायल

अवैध रूप से संचालित टायर फैक्ट्री में ब्लास्ट, मजदूरी कर रहे पुत्र की मौत, पिता घायल

भानपुरा/मंदसौर, राकेश धनोतिया| भानपुरा (Bhanpura) क्षेत्र के ग्राम संधारा और सांनडा गांव के बीच संचालित टायर फैक्ट्री (Blast In Tyre Factory) में सुबह अचानक ब्लास्ट हो गया| घटना में गंभीर एक मजदूर की मौत हो गई| वहीं दूसरा गंभीर घायल हो गया| दोनों पिता-पुत्र थे| हादसे में पुत्र सुनील (20) की मौके पर मौत हो गई| वहीं पिता भीमा गंभीर रूप से घायल हो गया उन्हें झालावाड मेडिकल कॉलेज (Medical College) रेफर किया गया|

एसडीएम आरबी वर्मा ने घटना की जानकारी के बाद तुरंत प्रभाव में फैक्ट्री को बंद करा दिया है| बता दें कि यह फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित हो रही थी कुछ दिनों पूर्व ग्राम वासियों ने इसकी शिकायत भी की थी | शिकायत का अनुसरण करने के बाद प्रशासन ने फेक्ट्री को बंद करा दिया था|

रात में यह फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित की जाती थी| यह घटना सुबह करीब 8:00 बजे की है| फैक्ट्री में अचानक बायलर में ब्लास्ट होने से वहां काम कर रहे भीमा एवं सुनील उम्र 20 वर्ष चपेट में आ गए| सुनील की मौके पर ही मौत हो गई वहीं गंभीर रूप से घायल भीमा को झालावाड़ अस्पताल में रेफर किया गया| घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने पंचनामा बनाते हुए फैक्ट्री को बंद करने का आदेश जारी कर दिए|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews