मंदसौर में आइसक्रीम बनी आफत: 20 से ज्यादा लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार, गांव में मचा हड़कंप

मंदसौर के कोटड़ा बुजुर्ग गांव में आइसक्रीम खाने के बाद 20 से ज्यादा लोगों के बीमार पड़ने से पूरे इलाके में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक प्रभावित हुए, कई मरीजों को अस्पतालों में भर्ती करना पड़ा, घटना ने फूड सेफ्टी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मंदसौर में आइसक्रीम बनी आफत

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को हिला दिया है। कोटड़ा बुजुर्ग गांव में एक फेरीवाले से खरीदी गई आइसक्रीम खाने के बाद अचानक 20 से ज्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही घंटों में गांव में उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायतें बढ़ने लगीं और लोग घबराकर अस्पताल की ओर भागने लगे।

इस घटना ने पूरे गांव में डर और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। बच्चों की हालत सबसे ज्यादा प्रभावित बताई जा रही है। कई मरीजों को गरोठ अस्पताल में भर्ती किया गया, जबकि गंभीर मरीजों को राजस्थान के भवानीमंडी रेफर करना पड़ा।

कोटड़ा बुजुर्ग गांव में कैसे फैली फूड पॉइजनिंग

मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र के कोटड़ा बुजुर्ग गांव में यह पूरा मामला उस समय शुरू हुआ जब एक फेरीवाला गांव में आइसक्रीम बेचने पहुंचा। गांव के कई लोगों ने बच्चों के लिए और खुद के लिए आइसक्रीम खरीदी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सामान्य दिखने वाली आइसक्रीम इतनी बड़ी परेशानी का कारण बन जाएगी।

Food Poisoning के लक्षण और अस्पतालों में स्थिति

जैसे-जैसे समय बीतता गया, मरीजों की संख्या बढ़ती गई। ग्रामीणों में जो लक्षण सबसे ज्यादा देखने को मिले, उनमें तेज पेट दर्द, उल्टी, दस्त और कमजोरी शामिल हैं। बच्चों में यह लक्षण और भी गंभीर रूप से दिखाई दिए।

गांव के लोग तुरंत मरीजों को गरोठ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने शुरुआती इलाज के बाद कई मरीजों को रेफर कर दिया। स्थिति को देखते हुए गंभीर मरीजों को राजस्थान के भवानीमंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

फेरीवाले की आइसक्रीम पर उठे सवाल और जांच की स्थिति

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि फेरीवाले द्वारा बेची गई आइसक्रीम की गुणवत्ता कैसी थी। क्या यह आइसक्रीम खराब सामग्री से बनाई गई थी या फिर इसे सही तरीके से स्टोर नहीं किया गया था?

स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आइसक्रीम के सैंपल भी लिए जाने की संभावना जताई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर इसका असली कारण क्या है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आइसक्रीम में बैक्टीरिया या दूषित दूध का इस्तेमाल हुआ हो, तो इस तरह की फूड पॉइजनिंग तेजी से फैल सकती है। खासकर गर्म मौसम में अगर आइसक्रीम सही तापमान पर स्टोर न की जाए तो वह तुरंत खराब हो सकती है।

Bhawna Choubey
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