बच्चे ने साइकिल के लिये जमा राशि कोरोना के बचाव के लिये की दान, बदले में कलेक्टर से मिला सरप्राइज़

बच्चे ने साइकिल के लिये जमा राशि कोरोना के बचाव के लिये की दान, बदले में कलेक्टर से मिला सरप्राइज़

मंदसौर/तरूण राठौड़

कोरोना से लड़ने के लिये जो जितना सक्षम है, अपनी तरफ से सहायता कर रहा है। कोई आर्थिक सहायता कर रहा है तो कोई राशन या अन्य तरीके से जरूरतमंदों की मदद कर रहा है। मंदसौर में एक बच्चे ने जब देखा कि ये बीमारी किस तरह भयावह रूप लेती जा रही है तो उसने साइकिल से लिये जमा किये पैसे इसके बचाव के लिये दान कर दिये।

अनुकूल जैन ने साइकिल खरीदने के लिये लंबे समय से पैसे इकट्ठे किये थे लेकिन ये 2500 रूपये उन्होने कलेक्टर को कोरोना से बचाव के लिये दान कर दिये। लेकिन इसके बाद अनुकूल को भी एक बेहतरीन सरप्राइज़ मिला, कलेक्टर मनोज पुष्प ने इस बच्चे को तोहफे के रूप में एक साइकिल भिजवाई जो उनके प्रतिनिधि तहसीलदार मंदसौर द्वारा अनुकूल तक पहुंचाई गई। ये सरप्राइज़ पाकर जहां अनुकूल बेहद खुश है वहीं कलेक्टर ने भी इस बच्चे द्वारा की गई मदद की सराहना की है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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