बिजली बिल ज्यादा आया तो महिला का फूटा गुस्सा, मीटर रीडर को चप्पलों से पीटा, पुलिस में मामला दर्ज

वायरल वीडियो में महिला का पति मीटर रीडर से ये कहता सुनाई दे रहा है कि 62 यूनिट का बिल 900 रुपये कैसे आया मुझे ये बता।
Morena electricity worker assaulted

Morena electricity worker assaulted

मध्य प्रदेश में बिजली के ज्यादा कीमत वाले बिलों की शिकायतें आती रहती है लेकिन ना तो सरकार ने और ना ही बिजली कंपनी ने इसका अभी तक कोई तोड़ निकाला है अब हालात ये हो गए हैं कि लोगों का सब्र का बाँध टूट रहा है और नौबत मारपीट तक आ चुकी है ताजा मामला मुरैना जिले का है जहाँ एक महिला ने मीटर रीडर को चप्पलों से पीट दिया , घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा हैं।

दरअसल मामला मुरैना जिले के रामपुर थाना क्षेत्र का है, बताया जा रहा है कि क्षेत्र में रहने वाले जयप्रकाश सिंघल और उनकी पत्नी शिल्पी सिंघल बिजली कंपनी के ऑफिस पहुंचे यहाँ उन्होंने उनके यहाँ पहुंचे अधिक रीडिंग के बिल पर सवाल जवाब किये, इसी बात को लेकर वहां कहासुनी शुरू हो गई।

महिला ने चप्पलों से की पिटाई 

कुछ देर में ही सिंघल दंपत्ति मीटर रीडर (आउट सोर्स कर्मचारी ) विनोद कुशवाह से तेज आवाज में बहस होने लगी, इसी बीच महिला शिल्पी अपना आप खो बैठी और उसने अपनी चप्पल उतारकर ऑफिस में पूरे स्टाफ के सामने मीटर रीडर विनोद कुशवाह की पिटाई शुरू कर दी, महिला इतनी आक्रोशित थी कि लोगों के रोकने पर भी वो नहीं रुकी।

लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया 

वायरल वीडियो में महिला का पति मीटर रीडर से ये कहता सुनाई दे रहा है कि 62 यूनिट का बिल 900 रुपये कैसे आया मुझे ये बता। लोगों ने बीचबचाव कर बड़ी मुश्किल से महिला के हाथ से चप्पल छीनी, मीटर रीडर का कॉलर छुड़वाया, फिर दोनों थाने पहुंच गये।

पुलिस ने मामला दर्ज किया 

थाना प्रभारी राम गुप्ता ने बताया कि दोनों पक्षों ने अपनी अपनी शिकायत दर्ज कराई है, मामला कल शुक्रवार दोपहर का बताया जा रहा है, घटना का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसकी जाँच की जा रही है। बता दें वीडियो में बहुत गालियाँ है, महिला बहुत अभद्र भाषा का प्रयोग करती हुई सुनाई दे रही है इसलिए हम यहाँ वीडियो म्यूट कर लगा रहे है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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