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रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया पटवारी, लोकायुक्त टीम ने ऐसे बिछाया जाल

Written by:Amit Sengar
Published:
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। विवेचना में सारे तथ्यों की जांच की जाएगी।
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया पटवारी, लोकायुक्त टीम ने ऐसे बिछाया जाल

Lokayukta Action : प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। इसके बावजूद भी रिश्वतखोरी बंद नहीं हो रही, सरकारी मुलाजिमों को ना किसी का भय है और ना ही अपनी नौकरी पर संकट का, ताजा मामला मध्यप्रदेश के मुरैना जिले का है जहाँ ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने पटवारी सुनील शर्मा को 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है।

पीड़ित ने ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक ऑफिस में दिया आवेदन

ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फरियादी राम मोहन गुर्जर पुत्र मुंशी सिंह निवासी तहसील गोहद जिला भिंड का है। जबकि वर्तमान में मुरैना के तुस्सीपुरा में रहता है। जिसने एक शिकायती आवेदन पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिया था। जिसमें शिकायत की गई थी कि पटवारी द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी।

पटवारी ने मांगी 8 हजार रुपये की रिश्वत

आवेदक राम मोहन गुर्जर पुत्र मुंशी सिंह ने आवेदन में बताया कि उसके पिता ने दिमनी क्षेत्र के ग्राम खोड़ा, सिहोनिया में जमीन खरीदी थी। जिसके नामांतरण करवाने के लिए हल्का नंबर 33 के पटवारी सुनील शर्मा तहसील अम्बाह जिला मुरैना ने 8 हजार रुपए रिश्वत के तौर पर मांगे गए थे। फरियादी ने इसकी शिकायत लोकायुक्त में की। जबकि पटवारी ने 6 हजार रुपए पहले ही ले लिए थे।

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रिश्वत (Bribe) लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने इसकी जांच की और सत्यता प्रमाणित होने पर एक ट्रैप दल बनाया, आज निर्धारित समय पर आवेदक ने पटवारी को जैसे 2 हजार रुपये दिए। वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने भ्रष्टाचारी पटवारी को रंगे हाथों पकड़ा लिया। इस पूरे मामले में आरोपी के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। विवेचना में सारे तथ्यों की जांच की जाएगी।

मुरैना से नितेन्द्र शर्मा की रिपोर्ट

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लेखक के बारे में
मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।” View all posts by Amit Sengar
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