मतदान केंद्रों पर केन्द्रीय पुलिस बल की 84 कंपनियां, दो हजार 500 SAF जवानों की होगी तैनाती

मतदान केंद्रों पर केन्द्रीय पुलिस बल की 84 कंपनियां,  दो हजार 500 SAF जवानों की होगी तैनाती

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव (Byelection) के लिए रविवार को प्रचार समाप्त हो गया| मतदान (Voting) 3 नवंबर को प्रात: 7 बजे से सायं 6 बजे तक सम्पन्न होगा। इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए मतदान केन्द्रों पर केन्द्रीय पुलिस बल की 84 कंपनियां तैनात रहेंगी|

अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अरूण कुमार तोमर ने बताया कि 3 नवंबर को पूरी सुरक्षा व्यवस्था एवं कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए मतदान सम्पन्न कराया जायेगा। मतदान केन्द्रों पर केन्द्रीय पुलिस बल की 84 कंपनियां तैनात की गई हैं। दो हजार 500 एसएएफ के जवान, 10 हजार जिला पुलिस बल, 7 हजार होमगार्ड एवं 10 हजार विशेष पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं।

दिव्यांग मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट जारी किए गए हैं। उनके लिए मतदान केन्द्रों पर सहायक एवं व्हील चेयर की भी व्यवस्था की गई है। उप निर्वाचन में कुल 3 हजार 38 क्रिटिकल मतदान केन्द्र एवं 358 वल्नरेबल हेमलेट्स चिन्हित किए गए हैं। मतदान केन्द्रों पर नजर रखने, शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुरक्षित मतदान के लिए 250 उड़नदस्ते, 173 एसएसटी एवं 293 पुलिस के नाकों की व्यवस्था की गई हैं। पुलिस द्वारा अब तक एक हजार 493 अवैध हथियार जप्त किए गए हैं। एक लाख 52 हजार से अधिक लाइसेंसी हथियार जमा कराये गये हैं। आठ हजार 730 गैर जमानती वारंट तामील कराये गये हैं। साथ ही 21 करोड़ रूपये से अधिक की अवैध सामग्रियों एवं नकदी की जप्ती की गई हैं। आने-जाने वाले वाहनों की विशेष निगरानी रखी जा रही हैं।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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